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21 Jan 2024 · 1 min read

सोचके बत्तिहर बुत्ताएल लोकके व्यवहार अंधा होइछ, ढल-फुँनगी पर

सोचके बत्तिहर बुत्ताएल लोकके व्यवहार अंधा होइछ, ढल-फुँनगी पर चढल उच्चका मुँहभरे खसबे करैछ ।

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