Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Jul 2023 · 1 min read

सुबह की पहल तुमसे ही

सुबह की पहल तुमसे ही
शाम का दिलकश मंजर भी तुम ही हो,

166 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
माँ-बाप का किया सब भूल गए
माँ-बाप का किया सब भूल गए
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
पड़ोसन के वास्ते
पड़ोसन के वास्ते
VINOD CHAUHAN
जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता,
जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
💐 Prodigi Love-47💐
💐 Prodigi Love-47💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हम दुनिया के सभी मच्छरों को तो नहीं मार सकते है तो क्यों न ह
हम दुनिया के सभी मच्छरों को तो नहीं मार सकते है तो क्यों न ह
Rj Anand Prajapati
पूजा
पूजा
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
मेरे हमसफ़र 💗💗🙏🏻🙏🏻🙏🏻
मेरे हमसफ़र 💗💗🙏🏻🙏🏻🙏🏻
Seema gupta,Alwar
इशारों इशारों में ही, मेरा दिल चुरा लेते हो
इशारों इशारों में ही, मेरा दिल चुरा लेते हो
Ram Krishan Rastogi
मिलना अगर प्रेम की शुरुवात है तो बिछड़ना प्रेम की पराकाष्ठा
मिलना अगर प्रेम की शुरुवात है तो बिछड़ना प्रेम की पराकाष्ठा
Sanjay ' शून्य'
संत सनातनी बनना है तो
संत सनातनी बनना है तो
Satyaveer vaishnav
बाजार  में हिला नहीं
बाजार में हिला नहीं
AJAY AMITABH SUMAN
कौन कहता है कि नदी सागर में
कौन कहता है कि नदी सागर में
Anil Mishra Prahari
उसने आंखों में
उसने आंखों में
Dr fauzia Naseem shad
■ आज का मुक्तक
■ आज का मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
टिमटिमाता समूह
टिमटिमाता समूह
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
दूध-जले मुख से बिना फूंक फूंक के कही गयी फूहड़ बात! / MUSAFIR BAITHA
दूध-जले मुख से बिना फूंक फूंक के कही गयी फूहड़ बात! / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
To improve your mood, exercise
To improve your mood, exercise
पूर्वार्थ
* सुनो मास्क पहनो दूल्हे जी (बाल कविता)*
* सुनो मास्क पहनो दूल्हे जी (बाल कविता)*
Ravi Prakash
बालचंद झां (हल्के दाऊ)
बालचंद झां (हल्के दाऊ)
Ms.Ankit Halke jha
ताउम्र करना पड़े पश्चाताप
ताउम्र करना पड़े पश्चाताप
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"तोता"
Dr. Kishan tandon kranti
“STORY MIRROR AUTHOR OF THE YEAR 2022”
“STORY MIRROR AUTHOR OF THE YEAR 2022”
DrLakshman Jha Parimal
रंग बदलते बहरूपिये इंसान को शायद यह एहसास बिलकुल भी नहीं होत
रंग बदलते बहरूपिये इंसान को शायद यह एहसास बिलकुल भी नहीं होत
Seema Verma
विचार
विचार
Godambari Negi
23/35.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/35.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आदमी खरीदने लगा है आदमी को ऐसे कि-
आदमी खरीदने लगा है आदमी को ऐसे कि-
Mahendra Narayan
हर सांस की गिनती तय है - रूख़सती का भी दिन पहले से है मुक़र्रर
हर सांस की गिनती तय है - रूख़सती का भी दिन पहले से है मुक़र्रर
Atul "Krishn"
रमेशराज की कविता विषयक मुक्तछंद कविताएँ
रमेशराज की कविता विषयक मुक्तछंद कविताएँ
कवि रमेशराज
रस्सी जैसी जिंदगी हैं,
रस्सी जैसी जिंदगी हैं,
Jay Dewangan
Loading...