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4 Apr 2024 · 1 min read

सिंह सा दहाड़ कर

सिंह सा दहाड़ कर
तु मौत पर भी वार कर
हौसला बुलंद कर
तू समुद्र को भी पार कर
तु निडर चल! निडर चल! निडर चल

है कठिन पथ तेरा ये सोचकर
मन को ना निराश कर
कहने वाले क्या कहेंगे
इसकी ना परवाह कर
तू निडर चल! निडर चल! निडर चल

मिली असफलता सौ बार है
तू फ़िर भी प्रयास कर,
इस वेदना की घडी में,
ना किसी का इंतजार कर
तू निडर चल! निडर चल! निडर चल

तू कौरवों की हार नहीं ,
पांडवों की जीत है ,
तू सर्वशक्तिमान है
तू अतीत नहीं भविष्य है
तू निडर चल! निडर चल! निडर चल

यूँ ही तू हार कर
खुद को ना बीमार कर
तू पंचतत्वों का सार है,
तू राजपुतानी तलवार की वह धार है
तू निडर चल! निडर चल! निडर चल

कहने वाले क्या कहेंगे इसकी ना परवाह कर
तू निडर चल! निडर चल! निडर चल

गौरी तिवारी भागलपुर बिहार

1 Like · 2 Comments · 62 Views
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