Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Jul 2016 · 1 min read

हो सावन की मदमस्त घटा तुम

हो सावन की मदमस्त घटा तुम
आ जाओ मेरे आँगन झुमेंगे नाचेंगे हम !

नींद चुराने वाली
सपनो में आने वाली
महकी पुरवा हो तुम
जुबाँ मेरी गा रही
तेरी चाहत की धुन ….
हो सावन की मदमस्त घटा तुम
आ जाओ मेरे आँगन झुमेंगे नाचेंगे हम !!

हँसते हैं,रोते हैं
तुझे याद करके अब
दिल हो जाता हैं बेचैन
आती नही हो नज़र जब तुम ….
हो सावन की मदमस्त घटा तुम
आ जाओ मेरे आँगन झुमेंगे नाचेंगे हम !!

मैं दीवाना हू तेरा बचपन से
न तड़पाओ ऐसे इस कदर मेरे यार
कि हैं तुम्हारी वर्षो से इंतज़ार
सहा हैं दर्द मैने हजार ….
हो सावन की मदमस्त घटा तुम
आ जाओ मेरे आँगन झुमेँगे नाचेंगे हम !!

दिल की दुरियाँ मिटा दो नजदिक आके
यकिन कर लो सिर्फ तुमसे हैं प्यार
उम्रभर रहेंगे बनके साया तुम्हारी
तुमसे बिछड़ के मर जायेंगे यार ….
हो सावन की मदमस्त घटा तुम
आ जाओ मेरे आँगन झुमेंगे नाचेंगे हम !!

पास आओ दिल चुराओ
दामन थामो न
तुझे देख मुस्कुरायेंगे हम
तेरी आचल मे छुप जायेंगे हम ….
हो सावन की मदमस्त घटा तुम
आ जाओ मेरे आँगन झुमेंगे नाचेंगे हम !!!

Language: Hindi
Tag: गीत
3 Comments · 448 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
पाकर तुझको हम जिन्दगी का हर गम भुला बैठे है।
पाकर तुझको हम जिन्दगी का हर गम भुला बैठे है।
Taj Mohammad
*ऐलान – ए – इश्क *
*ऐलान – ए – इश्क *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
नींद आने की
नींद आने की
हिमांशु Kulshrestha
चुलबुली मौसम
चुलबुली मौसम
Anil "Aadarsh"
दोस्ती
दोस्ती
Neeraj Agarwal
बचपन मेरा..!
बचपन मेरा..!
भवेश
नियोजित शिक्षक का भविष्य
नियोजित शिक्षक का भविष्य
साहिल
आंगन महक उठा
आंगन महक उठा
Harminder Kaur
चलो , फिर करते हैं, नामुमकिन को मुमकिन ,
चलो , फिर करते हैं, नामुमकिन को मुमकिन ,
Atul Mishra
उजियार
उजियार
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
शीत की शब में .....
शीत की शब में .....
sushil sarna
लम्हे
लम्हे
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
#लघुकविता-
#लघुकविता-
*Author प्रणय प्रभात*
आंख से गिरे हुए आंसू,
आंख से गिरे हुए आंसू,
नेताम आर सी
बस कट, पेस्ट का खेल
बस कट, पेस्ट का खेल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
माँ की यादें
माँ की यादें
मनोज कर्ण
गुजरते लम्हों से कुछ पल तुम्हारे लिए चुरा लिए हमने,
गुजरते लम्हों से कुछ पल तुम्हारे लिए चुरा लिए हमने,
Hanuman Ramawat
ऋतुराज
ऋतुराज
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
दिल हो काबू में....😂
दिल हो काबू में....😂
Jitendra Chhonkar
*गठरी बाँध मुसाफिर तेरी, मंजिल कब आ जाए  ( गीत )*
*गठरी बाँध मुसाफिर तेरी, मंजिल कब आ जाए ( गीत )*
Ravi Prakash
ईश्वर का उपहार है बेटी, धरती पर भगवान है।
ईश्वर का उपहार है बेटी, धरती पर भगवान है।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"हाशिये में पड़ी नारी"
Dr. Kishan tandon kranti
जय बोलो मानवता की🙏
जय बोलो मानवता की🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
💐प्रेम कौतुक-274💐
💐प्रेम कौतुक-274💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
रमेशराज के 12 प्रेमगीत
रमेशराज के 12 प्रेमगीत
कवि रमेशराज
"I'm someone who wouldn't mind spending all day alone.
पूर्वार्थ
मकर संक्रांति पर्व
मकर संक्रांति पर्व
Seema gupta,Alwar
सच
सच
Sanjeev Kumar mishra
मैं खाना खाकर तुमसे चैट करूँगा ।
मैं खाना खाकर तुमसे चैट करूँगा ।
Dr. Man Mohan Krishna
Loading...