Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 May 2018 · 1 min read

सालगिरह मुबारक

शादी की सालगिरह मुबारक हो
??????????⛅⛅
यह प्रेम खिले ऐसे हीं सदा
हम देते आज बधाई हैं,
यह जीवन इतना सरल सखे
जैसे कोई मधुर मिठाई हो।

दामपत्य रहे हर वक्त सुखी
इस राह न कोई बाधा हो,
सरल स्वभाव हरदिन ही सखे
सुखमय जीवन पर सादा हो।

तुम रहो सुखी रहे साथ सदा
इस राह न कोई बाधा हो,
हर पथ पे सफलता साथ सखे
सब कुछ जीवन में ज्यादा हो

रहे प्यार सदा सम्मान सदा
ना दुख की कोई कहानी हो,
महके जीवन फूलों सा सखे
यह दिन हर वर्ष सुहानी हो।
*******
✍ ✍ पं.संजीव शुक्ल “सचिन”
????????????
शादी के सालगिरह की अनंतसः मंगलमय हार्दिक शुभकामनाएं।????????????????????????????

Language: Hindi
449 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from संजीव शुक्ल 'सचिन'
View all
You may also like:
मर्यादाएँ टूटतीं, भाषा भी अश्लील।
मर्यादाएँ टूटतीं, भाषा भी अश्लील।
Arvind trivedi
पुण्य धरा भारत माता
पुण्य धरा भारत माता
surenderpal vaidya
#विषय --रक्षा बंधन
#विषय --रक्षा बंधन
rekha mohan
दीवाली
दीवाली
Mukesh Kumar Sonkar
हम भी अगर बच्चे होते
हम भी अगर बच्चे होते
नूरफातिमा खातून नूरी
खुद को इतना हंसाया है ना कि
खुद को इतना हंसाया है ना कि
Rekha khichi
हमने देखा है हिमालय को टूटते
हमने देखा है हिमालय को टूटते
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
“ मैथिल क जादुई तावीज़ “ (संस्मरण )
“ मैथिल क जादुई तावीज़ “ (संस्मरण )
DrLakshman Jha Parimal
■अहम सवाल■
■अहम सवाल■
*प्रणय प्रभात*
23/161.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/161.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*लम्हे* ( 24 of 25)
*लम्हे* ( 24 of 25)
Kshma Urmila
प्रबुद्ध कौन?
प्रबुद्ध कौन?
Sanjay ' शून्य'
"ऊर्जा"
Dr. Kishan tandon kranti
ऐ महबूब
ऐ महबूब
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"कुछ अगर -मगर, कुछ काश में रहे...."
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
🪸 *मजलूम* 🪸
🪸 *मजलूम* 🪸
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
जब मैंने एक तिरंगा खरीदा
जब मैंने एक तिरंगा खरीदा
SURYA PRAKASH SHARMA
$ग़ज़ल
$ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
कार्यक्रम का लेट होना ( हास्य-व्यंग्य)
कार्यक्रम का लेट होना ( हास्य-व्यंग्य)
Ravi Prakash
" ज़ेल नईखे सरल "
Chunnu Lal Gupta
अब किसी से कोई शिकायत नही रही
अब किसी से कोई शिकायत नही रही
ruby kumari
बारिश ने बरस कर फिर गुलशन को बदल डाला ,
बारिश ने बरस कर फिर गुलशन को बदल डाला ,
Neelofar Khan
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
जिंदगी कुछ और है, हम समझे कुछ और ।
जिंदगी कुछ और है, हम समझे कुछ और ।
sushil sarna
कौशल कविता का - कविता
कौशल कविता का - कविता
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
रिश्ता
रिश्ता
Dr fauzia Naseem shad
दोहे -लालची
दोहे -लालची
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
Maybe the reason I'm no longer interested in being in love i
Maybe the reason I'm no longer interested in being in love i
पूर्वार्थ
"राज़" ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
बुझाने को तैयार हैं कई दिल की आग को,
बुझाने को तैयार हैं कई दिल की आग को,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Loading...