Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 May 2023 · 1 min read

सागर की हिलोरे

सागर की हिलोरे
चल रे मन बन पँछी उड़ आकाश भावना को मत दबा,
अटखेलिया करता मन क्या नाप सकेगा सागर की थाह?
रोजगार की तलाश मे निकले मन मे उधेड़ बुन तानाबाना,
जिंदगी की कसौटी पर खरे उतरना आग के अंगार पर।
निकाल ले समुंद्र की गहराई से रोटी मिटाले पेट की भूख,
अंगारो सी चिलमिलाती धुप में रेत की तपन का तपना।
सिहर जाता है उद्वेगिक मन भँवर बीच उथल- पुथल में ,
चलते पैरों में पड़े छालो से रिसते हुए आखों के अश्रु।
जिन्दगी उतनी ही जटिल है जितना की सागर की गहराई ,
मन को स्थिर कर समझ क्षुण भंगुर जीवन के मर्म को।

सतपाल चौहान

448 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from SATPAL CHAUHAN
View all
You may also like:
तो क्या हुआ
तो क्या हुआ
Sûrëkhâ
तूं मुझे एक वक्त बता दें....
तूं मुझे एक वक्त बता दें....
Keshav kishor Kumar
बिना मांगते ही खुदा से
बिना मांगते ही खुदा से
Shinde Poonam
■ समझो रे छुटमैयों...!!
■ समझो रे छुटमैयों...!!
*Author प्रणय प्रभात*
*चिड़िया और साइकिल (बाल कविता)*
*चिड़िया और साइकिल (बाल कविता)*
Ravi Prakash
छोड़कर साथ हमसफ़र का,
छोड़कर साथ हमसफ़र का,
Gouri tiwari
सपना
सपना
ओनिका सेतिया 'अनु '
कविता
कविता
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
दूध वाले हड़ताल करते हैं।
दूध वाले हड़ताल करते हैं।
शेखर सिंह
पुराने पन्नों पे, क़लम से
पुराने पन्नों पे, क़लम से
The_dk_poetry
जिंदगी का सबूत
जिंदगी का सबूत
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
ऊपर बने रिश्ते
ऊपर बने रिश्ते
विजय कुमार अग्रवाल
"तुम्हें राहें मुहब्बत की अदाओं से लुभाती हैं
आर.एस. 'प्रीतम'
मेरी बेटियाँ
मेरी बेटियाँ
लक्ष्मी सिंह
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
मैनें प्रत्येक प्रकार का हर दर्द सहा,
मैनें प्रत्येक प्रकार का हर दर्द सहा,
Aarti sirsat
प्राण प्रतीस्था..........
प्राण प्रतीस्था..........
Rituraj shivem verma
"क्रोधित चिड़िमार"(संस्मरण -फौजी दर्शन ) {AMC CENTRE LUCKNOW}
DrLakshman Jha Parimal
नए दौर का भारत
नए दौर का भारत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
Janeu-less writer / Poem by Musafir Baitha
Janeu-less writer / Poem by Musafir Baitha
Dr MusafiR BaithA
प्यारी तितली
प्यारी तितली
Dr Archana Gupta
3154.*पूर्णिका*
3154.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
घर के किसी कोने में
घर के किसी कोने में
आकांक्षा राय
हाथ की लकीरों में फ़क़ीरी लिखी है वो कहते थे हमें
हाथ की लकीरों में फ़क़ीरी लिखी है वो कहते थे हमें
VINOD CHAUHAN
एहसास दिला देगा
एहसास दिला देगा
Dr fauzia Naseem shad
आँखों में उसके बहते हुए धारे हैं,
आँखों में उसके बहते हुए धारे हैं,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
"ईमानदारी"
Dr. Kishan tandon kranti
एक पल में जिंदगी तू क्या से क्या बना दिया।
एक पल में जिंदगी तू क्या से क्या बना दिया।
Phool gufran
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
सरेआम जब कभी मसअलों की बात आई
सरेआम जब कभी मसअलों की बात आई
Maroof aalam
Loading...