Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jun 2023 · 1 min read

सम्यक योग की साधना दुरुस्त करे सब भोग,

सम्यक योग की साधना दुरुस्त करे सब भोग,
होश पूर्वक कर्म है योग, जो साधे सब जोग !

411 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Mahender Singh
View all
You may also like:
मानव-जीवन से जुड़ा, कृत कर्मों का चक्र।
मानव-जीवन से जुड़ा, कृत कर्मों का चक्र।
डॉ.सीमा अग्रवाल
निभाने वाला आपकी हर गलती माफ कर देता और छोड़ने वाला बिना गलत
निभाने वाला आपकी हर गलती माफ कर देता और छोड़ने वाला बिना गलत
Ranjeet kumar patre
प्रेम जीवन धन गया।
प्रेम जीवन धन गया।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जलाओ प्यार के दीपक खिलाओ फूल चाहत के
जलाओ प्यार के दीपक खिलाओ फूल चाहत के
आर.एस. 'प्रीतम'
पढ़ाई
पढ़ाई
Kanchan Alok Malu
सुंदरता विचारों में सफर करती है,
सुंदरता विचारों में सफर करती है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
2323.पूर्णिका
2323.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
सिर्फ तुम्हारे खातिर
सिर्फ तुम्हारे खातिर
gurudeenverma198
*धन्य करें इस जीवन को हम, परहित हर क्षण जिया करें (गीत)*
*धन्य करें इस जीवन को हम, परहित हर क्षण जिया करें (गीत)*
Ravi Prakash
राम नाम की प्रीत में, राम नाम जो गाए।
राम नाम की प्रीत में, राम नाम जो गाए।
manjula chauhan
चंद ख्वाब मेरी आँखों के, चंद तसव्वुर तेरे हों।
चंद ख्वाब मेरी आँखों के, चंद तसव्वुर तेरे हों।
Shiva Awasthi
"मयखाना"
Dr. Kishan tandon kranti
हिन्दी दोहा लाड़ली
हिन्दी दोहा लाड़ली
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
हर दिन के सूर्योदय में
हर दिन के सूर्योदय में
Sangeeta Beniwal
शांति वन से बापू बोले, होकर आहत हे राम रे
शांति वन से बापू बोले, होकर आहत हे राम रे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अनघड़ व्यंग
अनघड़ व्यंग
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वारिस हुई
वारिस हुई
Dinesh Kumar Gangwar
हवस
हवस
Dr. Pradeep Kumar Sharma
राखी
राखी
Shashi kala vyas
उजाले को वही कीमत करेगा
उजाले को वही कीमत करेगा
पूर्वार्थ
किताबों से ज्ञान मिलता है
किताबों से ज्ञान मिलता है
Bhupendra Rawat
सुर्ख बिंदी
सुर्ख बिंदी
Awadhesh Singh
पाती कोई जब लिखता है।
पाती कोई जब लिखता है।
डॉक्टर रागिनी
माॅ॑ बहुत प्यारी बहुत मासूम होती है
माॅ॑ बहुत प्यारी बहुत मासूम होती है
VINOD CHAUHAN
चोट ना पहुँचे अधिक,  जो वाक़ि'आ हो
चोट ना पहुँचे अधिक, जो वाक़ि'आ हो
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
'मौन अभिव्यक्ति'
'मौन अभिव्यक्ति'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
-0 सुविचार 0-
-0 सुविचार 0-
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
■ कामयाबी का नुस्खा...
■ कामयाबी का नुस्खा...
*Author प्रणय प्रभात*
तिरंगा
तिरंगा
लक्ष्मी सिंह
........?
........?
शेखर सिंह
Loading...