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18 Oct 2022 · 1 min read

समय के उजालो…

इधर आ गये हम
बड़ी दूर चल के
यहां सब दर्द ढूंढ़े
नहीं भूले छिद्र गम के
समय के उजालो
दिशाओं को सजालो
अभी जीवन का संघर्ष शेष है
कही रेख धुंधली
कही रेख फीको
कहां बिंब उतारे
कहां रूप देखे
समय के चितेरो
रंगों को उतारो
नया चित्र बंधा है नजर से
नयी जल तरंगे
ना नीर है घट का
कोई शंख भी अखंडित नहीं
‘अंजुम’ समय के मछेरों
यहां जाल फेको
हवा कब बंधी है हवा से

नाम-मनमोहन लाल गुप्ता
पता-मोहल्ला जाब्तागंज, नजीबाबाद, जिला बिजनौर, यूपी
मोबाइल नंबर 9927140483

Language: Hindi
1 Like · 2 Comments · 236 Views
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