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23 Jul 2023 · 1 min read

सच्चाई ~

सच्चाई ~

व्यक्ति से परिवार बनता है, परिवार से समाज बनता है, समाज से राष्ट्र बनता है। मगर जब व्यक्ति में पारिवारिक, सामाजिक व राष्ट्रीय सूझबूझ नहीं होगी तो इन सबका ध्वस्त होना सुनिश्चित है।

दिनेश एल० “जैहिंद”

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