Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Oct 2021 · 1 min read

संत हृदय से मिले हो कभी

संत हृदय से मिले हो कभी
कभी साक्षात्कार हुआ है तुम्हारा

वो या तो शुन्य होता है या विस्तार
या तो मौन होता है या संवाद

कोई पहले चरण में होता है
और कोई भौतिकता को लांघ भगवत शरण के शिखर पर

सब शास्त्रों के ज्ञाता नहीं हो जाते ईकपल में;
उससे पहले
संतों का सफर अब भी गुरुकुल की कठिन दिनचर्या से होकर गुजरता है

आसान नहीं है सब।

आसान है बस असाध्य को न मान मजाक बनाना
नवरात्रि आ रही;
छोड़ो शुरुआत यहीं से करते हैं,
नौ दिन लहसुन प्याज, तम्बाकू शिखा, बिड़ी सिगरेट और वो हाल ही में अमीर बना गांजा
छोड़ के देखो…न

रीढ़ में दीमक लगा रहे तुम्हारे हितैषी; तुम्हें समझा रहे भगवान वो नहीं तुम्हारा जिसकी धरती के वासी हो तुम
भगवान तो हम हैं; रावण नीति में विश्वास है हमारा

रावण के अनुयायियों

रीढ़ में हड्डी है…न
तो थुक दो ऐसा बोलने वालों के मुँह पर

वजह……. कभी समय मिले तो अपनी उंगलियों पर गरम तेल डाल के देखना

शायद समझ आए……जिंदा जलना क्या होता है

जिस जमीन पर संत न जिये; वह तो बस व्यभिचारी रावण की लंका ही हो सकती है

©दामिनी नारायण सिंह

Language: Hindi
Tag: लेख
1 Like · 2 Comments · 459 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
संस्कारों के बीज
संस्कारों के बीज
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कुछ व्यंग्य पर बिल्कुल सच
कुछ व्यंग्य पर बिल्कुल सच
Ram Krishan Rastogi
*गरमी का मौसम बुरा, खाना तनिक न धूप (कुंडलिया)*
*गरमी का मौसम बुरा, खाना तनिक न धूप (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मत जलाओ तुम दुबारा रक्त की चिंगारिया।
मत जलाओ तुम दुबारा रक्त की चिंगारिया।
Sanjay ' शून्य'
अंतिम साँझ .....
अंतिम साँझ .....
sushil sarna
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
श्री राम मंदिर
श्री राम मंदिर
Mukesh Kumar Sonkar
मेरी आँखों से भी नींदों का रिश्ता टूट जाता है
मेरी आँखों से भी नींदों का रिश्ता टूट जाता है
Aadarsh Dubey
मेरे   परीकल्पनाओं   की   परिणाम   हो  तुम
मेरे परीकल्पनाओं की परिणाम हो तुम
पूर्वार्थ
World Dance Day
World Dance Day
Tushar Jagawat
मसीहा उतर आया है मीनारों पर
मसीहा उतर आया है मीनारों पर
Maroof aalam
माता - पिता
माता - पिता
Umender kumar
ब्रह्मेश्वर मुखिया / MUSAFIR BAITHA
ब्रह्मेश्वर मुखिया / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
हिन्दू और तुर्क दोनों को, सीधे शब्दों में चेताया
हिन्दू और तुर्क दोनों को, सीधे शब्दों में चेताया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
अपना ही ख़ैर करने लगती है जिन्दगी;
अपना ही ख़ैर करने लगती है जिन्दगी;
manjula chauhan
प्रेम का वक़ात
प्रेम का वक़ात
भरत कुमार सोलंकी
उम्मींदें तेरी हमसे
उम्मींदें तेरी हमसे
Dr fauzia Naseem shad
************ कृष्ण -लीला ***********
************ कृष्ण -लीला ***********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
I love you
I love you
Otteri Selvakumar
खुद को तलाशना और तराशना
खुद को तलाशना और तराशना
Manoj Mahato
3409⚘ *पूर्णिका* ⚘
3409⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
बहुत उपयोगी जानकारी :-
बहुत उपयोगी जानकारी :-
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
सृजन
सृजन
Bodhisatva kastooriya
"लोग क्या कहेंगे" सोच कर हताश मत होइए,
Radhakishan R. Mundhra
सारे गुनाहगार खुले घूम रहे हैं
सारे गुनाहगार खुले घूम रहे हैं
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
"हठी"
Dr. Kishan tandon kranti
अफ़सोस
अफ़सोस
Dipak Kumar "Girja"
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...