Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jul 2016 · 1 min read

संगीत दिवस

सारा दिन हुई योग की चर्चा
आओ अब गीत शारदे गा लें
संगीत की बज उठे तरंगे
उमंगो में सरगम सजा लें
गीतिका वरखा सुनाए
साज़ बूंदों का बजा लें
झनझना उठे अंतस
हृदय में उसको बिठा लें
रूह से मिल सके रूह जो
बांस में प्रीतम सजा लें
संगीत दिवस की बधाई
उमंगो में सरगम सजा लें
गीतिका वरखा सुनाए
साज़ बूंदों का बजा लें
झनझना उठे अंतस
हृदय में उसको बिठा लें
रूह से मिल सके रूह जो
बांस में प्रीतम सजा लें

संगीत दिवस की बधाई

Language: Hindi
Tag: कविता
320 Views
You may also like:
मुझको ये जीवन जीना है
Saraswati Bajpai
एहसासात
Shyam Sundar Subramanian
💐प्रेम की राह पर-57💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
" गौरा "
Dr Meenu Poonia
"काश हम"
Ankita
फिर क्युं कहते हैं लोग
Seema 'Tu hai na'
कैसी भी हो शराब।
Taj Mohammad
तंग नजरिए
shabina. Naaz
आस्तीक भाग -तीन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मां सरस्वती
AMRESH KUMAR VERMA
तुम साथ अगर देते नाकाम नहीं होता
Dr Archana Gupta
✍️तकदीर-ए-मुर्शद✍️
'अशांत' शेखर
तुमको पाते हैं
Dr fauzia Naseem shad
आरजू
Anamika Singh
Memories in brain
Buddha Prakash
जीवन
लक्ष्मी सिंह
“LOVELY FRIEND”
DrLakshman Jha Parimal
माना कि तेरे प्यार के काबिल नही हूं मैं
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
यथा_व्यथा
Anita Sharma
कर्म का मर्म
Pooja Singh
//स्वागत है:२०२२//
Prabhudayal Raniwal
मैं फिर आऊँगा
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
सुन मेरे बच्चे !............
sangeeta beniwal
*बादलों के बीच दो तारे (बाल कविता)*
Ravi Prakash
✍️खामोश लबों को ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मुझे पूजो मत, पढ़ो!
Shekhar Chandra Mitra
तू पसन्द है मुझको
gurudeenverma198
गौरैया
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कहां है
विशाल शुक्ल
पिता - नीम की छाँव सा - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
Loading...