Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Oct 2023 · 1 min read

संकल्प का अभाव

संकल्प का अभाव
_______________
संकल्प के अभाव में शक्ति का कोई महत्व और मूल्य नहीं होता

147 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
याद कब हमारी है
याद कब हमारी है
Shweta Soni
ना मंजिल की कमी होती है और ना जिन्दगी छोटी होती है
ना मंजिल की कमी होती है और ना जिन्दगी छोटी होती है
शेखर सिंह
फूल फूल और फूल
फूल फूल और फूल
SATPAL CHAUHAN
प्रदाता
प्रदाता
Dinesh Kumar Gangwar
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
काश आज चंद्रमा से मुलाकाकत हो जाती!
काश आज चंद्रमा से मुलाकाकत हो जाती!
पूर्वार्थ
कविता - 'टमाटर की गाथा
कविता - 'टमाटर की गाथा"
Anand Sharma
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
*टैगोर काव्य गोष्ठी/ संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ* आज दिनांक 1
*टैगोर काव्य गोष्ठी/ संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ* आज दिनांक 1
Ravi Prakash
*.....थक सा गया  हू...*
*.....थक सा गया हू...*
Naushaba Suriya
■ आज का संदेश...
■ आज का संदेश...
*Author प्रणय प्रभात*
"यदि"
Dr. Kishan tandon kranti
फितरत इंसान की....
फितरत इंसान की....
Tarun Singh Pawar
2434.पूर्णिका
2434.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
मन नहीं होता
मन नहीं होता
Surinder blackpen
पाने की आशा करना यह एक बात है
पाने की आशा करना यह एक बात है
Ragini Kumari
खुद ही खुद से इश्क कर, खुद ही खुद को जान।
खुद ही खुद से इश्क कर, खुद ही खुद को जान।
विमला महरिया मौज
गणेश जी पर केंद्रित विशेष दोहे
गणेश जी पर केंद्रित विशेष दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
मिसाल उन्हीं की बनती है,
मिसाल उन्हीं की बनती है,
Dr. Man Mohan Krishna
★HAPPY FATHER'S DAY ★
★HAPPY FATHER'S DAY ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
उसके नाम के 4 हर्फ़ मेरे नाम में भी आती है
उसके नाम के 4 हर्फ़ मेरे नाम में भी आती है
Madhuyanka Raj
कभी वैरागी ज़हन, हर पड़ाव से विरक्त किया करती है।
कभी वैरागी ज़हन, हर पड़ाव से विरक्त किया करती है।
Manisha Manjari
****तन्हाई मार गई****
****तन्हाई मार गई****
Kavita Chouhan
लोहा ही नहीं धार भी उधार की उनकी
लोहा ही नहीं धार भी उधार की उनकी
Dr MusafiR BaithA
धनतेरस
धनतेरस
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
*तुम और  मै धूप - छाँव  जैसे*
*तुम और मै धूप - छाँव जैसे*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खुदा के वास्ते
खुदा के वास्ते
shabina. Naaz
जिंदगी भी रेत का सच रहतीं हैं।
जिंदगी भी रेत का सच रहतीं हैं।
Neeraj Agarwal
भूल ना था
भूल ना था
भरत कुमार सोलंकी
जिंदगी एक सफर सुहाना है
जिंदगी एक सफर सुहाना है
Suryakant Dwivedi
Loading...