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2 Feb 2023 · 1 min read

शेर…

चले जाते हैं मय-ख़ाने शराबी सोचकर बस ये
उदासी की दवा बस इस शिफ़ा-ख़ाने में मिलती है

-जॉनी अहमद ‘क़ैस’

Language: Hindi
132 Views
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