Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Aug 2016 · 1 min read

शह्र के शह्र हो गए पत्थर!

शह्र के शह्र हो गए पत्थर।
अब तो कोई नहीं यहाँ रहबर।

हू ब हू चेहरा हिरे सा था,
और जैसे जड़ा हो सोने पर।

हिज़्र का ख्याल जो मुझे आया,
था बहुँत खौफनाक वो मंजर।

और तारीफ मैं करूँ कितना,
रूह से भी रहा संगेमरमर।

फ़िक्र जिनकी मुझे रही हरदम,
भूलते हैं मुझे वही अक्सर।

इक रज़ा दे नहीं सकी दुनिया,
जिंदगी भर देती रही ठोकर।

क्या कहा था शुभम् इन्हें तुमने,
पड़ गए पीछे हाँथ जो धोकर।

266 Views
You may also like:
मौला मेरे मौला
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मौन भी क्यों गलत ?
Saraswati Bajpai
" PILLARS OF FRIENDSHIP "
DrLakshman Jha Parimal
कौन बता
Dr fauzia Naseem shad
लाइलाज़
Seema 'Tu hai na'
चार
Vikas Sharma'Shivaaya'
खांसी की दवाई की व्यथा😄😄
Kaur Surinder
हिन्दू साम्राज्य दिवस
jaswant Lakhara
स्तुति
संजीव शुक्ल 'सचिन'
ग्रहण
ओनिका सेतिया 'अनु '
बेबस-मन
विजय कुमार नामदेव
पिता
पूनम झा 'प्रथमा'
सुहावना मौसम
AMRESH KUMAR VERMA
मित्रों की दुआओं से...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
औरतों की तालीम
Shekhar Chandra Mitra
कुंडलियां छंद (7)आया मौसम
Pakhi Jain
✍️सूरज से रोशन है जहाँ
'अशांत' शेखर
मुझको सन्तुष्टि इसी में है
gurudeenverma198
सच में शक्ति अकूत (गीत)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कृष्ण चतुर्थी भाद्रपद, है गणेशावतार
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
उड़ता लेवे तीर
Sadanand Kumar
*अग्रसेन को नमन (घनाक्षरी)*
Ravi Prakash
कर तु सलाम वीरो को
Swami Ganganiya
ग़ज़ल- होश में आयेगा कौन (राना लिधौरी)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
योग क्या है और इसकी महत्ता
Ram Krishan Rastogi
भूख
Varun Singh Gautam
Writing Challenge- प्रकाश (Light)
Sahityapedia
तुलसी गीत
Shiva Awasthi
मेरे सपने
Anamika Singh
बनाए कुछ उसूल हैं।
Taj Mohammad
Loading...