Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Jul 2016 · 1 min read

वो राह बतलाना नहीं

वो राह बतलाना नहीं
जिस पर हमें जाना नहीं

कह बोझ बेटी को यहाँ
देना कभी ताना नहीं

सच को छिपाने के लिए
झूठी कसम खाना नहीं

मर जाएंगे तेरे बिना
तुम रूठ कर जाना नहीं

खोना भी पड़ता है यहाँ
बस ज़िन्दगी पाना नहीं

हैं कम नहीं गम ‘अर्चना’
आता हमें गाना नहीं

डॉ अर्चना गुप्ता

4 Comments · 257 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
आत्म  चिंतन करो दोस्तों,देश का नेता अच्छा हो
आत्म चिंतन करो दोस्तों,देश का नेता अच्छा हो
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
कोई मुरव्वत नहीं
कोई मुरव्वत नहीं
Mamta Singh Devaa
बेटियां
बेटियां
Manu Vashistha
दर्द का बस एक
दर्द का बस एक
Dr fauzia Naseem shad
चीत्कार रही मानवता,मानव हत्याएं हैं जारी
चीत्कार रही मानवता,मानव हत्याएं हैं जारी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Impossible means :-- I'm possible
Impossible means :-- I'm possible
Naresh Kumar Jangir
हिन्दू मुस्लिम करता फिर रहा,अब तू क्यों गलियारे में।
हिन्दू मुस्लिम करता फिर रहा,अब तू क्यों गलियारे में।
शायर देव मेहरानियां
जो शख़्स तुम्हारे गिरने/झुकने का इंतजार करे, By God उसके लिए
जो शख़्स तुम्हारे गिरने/झुकने का इंतजार करे, By God उसके लिए
अंकित आजाद गुप्ता
आप जितने सकारात्मक सोचेंगे,
आप जितने सकारात्मक सोचेंगे,
Sidhartha Mishra
"मेरी बेटी है नंदिनी"
Ekta chitrangini
चम-चम चमके चाँदनी
चम-चम चमके चाँदनी
Vedha Singh
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
यादों की सौगात
यादों की सौगात
RAKESH RAKESH
दर्शन की ललक
दर्शन की ललक
Neelam Sharma
बस्ती जलते हाथ में खंजर देखा है,
बस्ती जलते हाथ में खंजर देखा है,
ज़ैद बलियावी
द़ुआ कर
द़ुआ कर
Atul "Krishn"
कबीरा यह मूर्दों का गांव
कबीरा यह मूर्दों का गांव
Shekhar Chandra Mitra
राम नाम  हिय राख के, लायें मन विश्वास।
राम नाम हिय राख के, लायें मन विश्वास।
Vijay kumar Pandey
2644.पूर्णिका
2644.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जां से गए।
जां से गए।
Taj Mohammad
■ एक_नज़्म_ख़ुद_पर
■ एक_नज़्म_ख़ुद_पर
*Author प्रणय प्रभात*
जय भोलेनाथ ।
जय भोलेनाथ ।
Anil Mishra Prahari
हरियाली के बीच में , माँ का पकड़े हाथ ।
हरियाली के बीच में , माँ का पकड़े हाथ ।
Mahendra Narayan
बोला कौवा क्या करूॅं ,मोटी है आवाज( कुंडलिया)
बोला कौवा क्या करूॅं ,मोटी है आवाज( कुंडलिया)
Ravi Prakash
आत्मीयकरण-2 +रमेशराज
आत्मीयकरण-2 +रमेशराज
कवि रमेशराज
मुक़द्दर में लिखे जख्म कभी भी नही सूखते
मुक़द्दर में लिखे जख्म कभी भी नही सूखते
Dr Manju Saini
तुम्हारा दीद हो जाए,तो मेरी ईद हो जाए
तुम्हारा दीद हो जाए,तो मेरी ईद हो जाए
Ram Krishan Rastogi
हे पैमाना पुराना
हे पैमाना पुराना
Swami Ganganiya
कोई उम्मीद किसी से,तुम नहीं करो
कोई उम्मीद किसी से,तुम नहीं करो
gurudeenverma198
⚘*अज्ञानी की कलम*⚘
⚘*अज्ञानी की कलम*⚘
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
Loading...