Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Oct 2023 · 1 min read

विचार

विचार

जिनके पांव ज़मी से जुड़े रहते हैं वे आसमाँ की उड़ान का ख्वाब तो रखते हैं किन्तु वे ऐसा कोई अवांछित प्रयास नहीं करते जिससे ये ज़मी और आसमाँ दोनों लज्जित हों l

अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

1 Like · 477 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
View all
You may also like:
आप इतना
आप इतना
Dr fauzia Naseem shad
ये आकांक्षाओं की श्रृंखला।
ये आकांक्षाओं की श्रृंखला।
Manisha Manjari
युवा दिवस
युवा दिवस
Tushar Jagawat
"ज्ञान रूपी दीपक"
Yogendra Chaturwedi
जब तात तेरा कहलाया था
जब तात तेरा कहलाया था
Akash Yadav
नारियों के लिए जगह
नारियों के लिए जगह
Dr. Kishan tandon kranti
कितने भारत
कितने भारत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
ख्वाहिशों की ना तमन्ना कर
ख्वाहिशों की ना तमन्ना कर
Harminder Kaur
कलाकृति बनाम अश्लीलता।
कलाकृति बनाम अश्लीलता।
Acharya Rama Nand Mandal
मैं और मेरी फितरत
मैं और मेरी फितरत
लक्ष्मी सिंह
आखरी है खतरे की घंटी, जीवन का सत्य समझ जाओ
आखरी है खतरे की घंटी, जीवन का सत्य समझ जाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आओ हम सब मिल कर गाएँ ,
आओ हम सब मिल कर गाएँ ,
Lohit Tamta
हमने देखा है हिमालय को टूटते
हमने देखा है हिमालय को टूटते
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मांगने से रोशनी मिलेगी ना कभी
मांगने से रोशनी मिलेगी ना कभी
Slok maurya "umang"
कविता तुम क्या हो?
कविता तुम क्या हो?
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
Shashi kala vyas
रमेशराज के शिक्षाप्रद बालगीत
रमेशराज के शिक्षाप्रद बालगीत
कवि रमेशराज
जय भोलेनाथ ।
जय भोलेनाथ ।
Anil Mishra Prahari
भैया  के माथे तिलक लगाने बहना आई दूर से
भैया के माथे तिलक लगाने बहना आई दूर से
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
"विचार-धारा
*Author प्रणय प्रभात*
ग़ज़ल
ग़ज़ल
प्रीतम श्रावस्तवी
मेरी फितरत में नहीं है हर किसी का हो जाना
मेरी फितरत में नहीं है हर किसी का हो जाना
Vishal babu (vishu)
वफ़ा
वफ़ा
shabina. Naaz
प्रभु राम मेरे सपने मे आये संग मे सीता माँ को लाये
प्रभु राम मेरे सपने मे आये संग मे सीता माँ को लाये
Satyaveer vaishnav
प्यासा पानी जानता,.
प्यासा पानी जानता,.
Vijay kumar Pandey
वायरल होने का मतलब है सब जगह आप के ही चर्चे बिखरे पड़े हो।जो
वायरल होने का मतलब है सब जगह आप के ही चर्चे बिखरे पड़े हो।जो
Rj Anand Prajapati
देखिए अगर आज मंहगाई का ओलंपिक हो तो
देखिए अगर आज मंहगाई का ओलंपिक हो तो
शेखर सिंह
अजी सुनते हो मेरे फ्रिज में टमाटर भी है !
अजी सुनते हो मेरे फ्रिज में टमाटर भी है !
Anand Kumar
*जीवन को मात है (घनाक्षरी)*
*जीवन को मात है (घनाक्षरी)*
Ravi Prakash
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...