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23 Jul 2023 · 1 min read

विचार

अपनी कलम को अपनी अमानत , जो कर लोगे तुम
विचारों का एक समंदर , रोशन कर लोगे तुम |

निखरती जायेगी कलम तेरी , दिन दोगुनी – रात चौगुनी
साहित्यकारों की गलियों में , तेरी धूम मचेगी एक दिन ||

Language: Hindi
1 Like · 73 Views
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Books from अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
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