Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Apr 2023 · 1 min read

वायरस और संक्रमण के शिकार

वायरस और संक्रमण के शिकार
“शब्द” भी होते हैं, भाषा भी।
ख़ुद देख लीजिए आप।
एक आदनी ने “सिसोदिया” को
“शिशोदिया” बनवा ही डाला।

👏प्रणय प्रभात👏

1 Like · 203 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
विरह गीत
विरह गीत
नाथ सोनांचली
कभी कम नहीं हो यह नूर
कभी कम नहीं हो यह नूर
gurudeenverma198
*गम को यूं हलक में  पिया कर*
*गम को यूं हलक में पिया कर*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
★बरसात की टपकती बूंद ★
★बरसात की टपकती बूंद ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
सत्य से विलग न ईश्वर है
सत्य से विलग न ईश्वर है
Udaya Narayan Singh
कुछ लोगों का प्यार जिस्म की जरुरत से कहीं ऊपर होता है...!!
कुछ लोगों का प्यार जिस्म की जरुरत से कहीं ऊपर होता है...!!
Ravi Betulwala
मुझसे  नज़रें  मिलाओगे  क्या ।
मुझसे नज़रें मिलाओगे क्या ।
Shah Alam Hindustani
सूरज आएगा Suraj Aayega
सूरज आएगा Suraj Aayega
Mohan Pandey
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
घूर
घूर
Dr MusafiR BaithA
फितरत
फितरत
Srishty Bansal
दोगलापन
दोगलापन
Mamta Singh Devaa
23/138.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/138.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
अजब दुनियां के खेले हैं, ना तन्हा हैं ना मेले हैं।
अजब दुनियां के खेले हैं, ना तन्हा हैं ना मेले हैं।
umesh mehra
प्यासा मन
प्यासा मन
नेताम आर सी
* मायने हैं *
* मायने हैं *
surenderpal vaidya
कुछ लोग हेलमेट उतारे बिना
कुछ लोग हेलमेट उतारे बिना
*Author प्रणय प्रभात*
कहू किया आइ रूसल छी ,  कोनो कि बात भ गेल की ?
कहू किया आइ रूसल छी , कोनो कि बात भ गेल की ?
DrLakshman Jha Parimal
इश्क की वो  इक निशानी दे गया
इश्क की वो इक निशानी दे गया
Dr Archana Gupta
मातु शारदे वंदना
मातु शारदे वंदना
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
ਸ਼ਿਕਵੇ ਉਹ ਵੀ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ
ਸ਼ਿਕਵੇ ਉਹ ਵੀ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ
Surinder blackpen
💐प्रेम कौतुक-441💐
💐प्रेम कौतुक-441💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सुधर जाओ, द्रोणाचार्य
सुधर जाओ, द्रोणाचार्य
Shekhar Chandra Mitra
"एक जंगल"
Dr. Kishan tandon kranti
*जाता देखा शीत तो, फागुन हुआ निहाल (कुंडलिया)*
*जाता देखा शीत तो, फागुन हुआ निहाल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
राम नाम की प्रीत में, राम नाम जो गाए।
राम नाम की प्रीत में, राम नाम जो गाए।
manjula chauhan
दोहा त्रयी. . . .
दोहा त्रयी. . . .
sushil sarna
भजलो राम राम राम सिया राम राम राम प्यारे राम
भजलो राम राम राम सिया राम राम राम प्यारे राम
Satyaveer vaishnav
बाल दिवस पर मेरी कविता
बाल दिवस पर मेरी कविता
Tarun Singh Pawar
हाथी के दांत
हाथी के दांत
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...