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3 May 2017 · 1 min read

लोकशैली में तेवरी

सडकों पै मारपिटाई करते बर्बर आतताई
होते सरेआम उत्पात दरोगा ठाड़ो देखै |

हाथों में छुरी तमंचे जन को लूट रहे नित गुंडे
गोदें चाहे जिसका गात दरोगा ठाड़ो देखै |

गलियों में खड़े लफंगे ताकें नारीतन को नंगे
अब है चीरहरण दिनरात दरोगा ठाड़ो देखै |

देती है आग दिखाई बस्ती को फूंकें दंगाई
धर्म पै अति हिंसक जज़्बात दरोगा ठाड़ो देखै |
+रमेशराज

Language: Hindi
320 Views
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