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15 Jul 2016 · 1 min read

लूट

मुक्तक।

राष्ट्रवाद का झंडा कुचला, नेताओं ने लातों में।
जनता को ठेंगा दिखलाया, बस बातों ही बातों में।
ख्वाब दिखाते रहे रात भर, भोली भाली जनता को।
दिया लूट कर अपना भारत, डाल विदेशी खातों में।।

प्रदीप कुमार “प्रदीप”

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 1 Comment · 235 Views
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