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15 Jul 2016 · 1 min read

*लूट*

इंसा इंसा को लूट रहा
नश्वर माया ये कूट रहा
बेमानी हुए रिश्ते-नाते
डर ईश्वर का छूट रहा
धर्मेन्द्र अरोड़ा

Language: Hindi
282 Views
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Books from धर्मेन्द्र अरोड़ा "मुसाफ़िर पानीपती"
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