Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Oct 2023 · 1 min read

लाल फूल गवाह है

तेरी बेवफ़ाई का ,ये लाल फूल गवाह है।
लौट कर न आये, इंतज़ार में हर राह है ।

कभी तेरा नाम था दिल की हर धड़कन पर
देखना कभी आ कर ,टूटता हर साह है।

तेरे घर के आगे से , गुज़रते हैं सजदा करके
तुम नहीं आये ,तुमको न कोई प्रवाह है।

बहुत आसान था तेरे लिए, भूलना मुझे
मगर भूलना तुझे, मेरे लिए तो गुनाह है।

वफ़ा करने वाले , मिलते हैं जाने कहां
बख्श खुदा मुझे, मांगी तेरी पनाह है ।
सुरिंदर कौर

Language: Hindi
68 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Surinder blackpen
View all
You may also like:
कुछ नही मिलता आसानी से,
कुछ नही मिलता आसानी से,
manjula chauhan
रमेशराज की कहमुकरियां
रमेशराज की कहमुकरियां
कवि रमेशराज
एक सपना देखा था
एक सपना देखा था
Vansh Agarwal
मेरे अल्फ़ाज़ मायने रखते
मेरे अल्फ़ाज़ मायने रखते
Dr fauzia Naseem shad
👌ग़ज़ल👌
👌ग़ज़ल👌
*Author प्रणय प्रभात*
एकदम सुलझे मेरे सुविचार..✍️🫡💯
एकदम सुलझे मेरे सुविचार..✍️🫡💯
Ms.Ankit Halke jha
फितरत
फितरत
Sidhartha Mishra
प्रेरणा
प्रेरणा
पूर्वार्थ
सत्य शुरू से अंत तक
सत्य शुरू से अंत तक
विजय कुमार अग्रवाल
उठो पथिक थक कर हार ना मानो
उठो पथिक थक कर हार ना मानो
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
"जियो जिन्दगी"
Dr. Kishan tandon kranti
नर नारी
नर नारी
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
मुस्कुराते रहे
मुस्कुराते रहे
Dr. Sunita Singh
Dr Arun Kumar Shastri
Dr Arun Kumar Shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
नजरिया-ए-नील पदम्
नजरिया-ए-नील पदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
नमः शिवाय ।
नमः शिवाय ।
Anil Mishra Prahari
आप हरते हो संताप
आप हरते हो संताप
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
बाल कविता: चूहा
बाल कविता: चूहा
Rajesh Kumar Arjun
Price less मोहब्बत 💔
Price less मोहब्बत 💔
Rohit yadav
तो शीला प्यार का मिल जाता
तो शीला प्यार का मिल जाता
Basant Bhagawan Roy
#गणतंत्र दिवस#
#गणतंत्र दिवस#
rubichetanshukla 781
23/100.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/100.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
स्वरचित कविता..✍️
स्वरचित कविता..✍️
Shubham Pandey (S P)
कुछ लिखा हैं तुम्हारे लिए, तुम सुन पाओगी क्या
कुछ लिखा हैं तुम्हारे लिए, तुम सुन पाओगी क्या
Writer_ermkumar
अपने कार्यों में अगर आप बार बार असफल नहीं हो रहे हैं तो इसका
अपने कार्यों में अगर आप बार बार असफल नहीं हो रहे हैं तो इसका
Paras Nath Jha
*अष्टभुजाधारी हमें, दो माता उपहार (कुंडलिया)*
*अष्टभुजाधारी हमें, दो माता उपहार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
ग़ज़ल/नज़्म - हुस्न से तू तकरार ना कर
ग़ज़ल/नज़्म - हुस्न से तू तकरार ना कर
अनिल कुमार
निराशा क्यों?
निराशा क्यों?
Sanjay ' शून्य'
हाइकु
हाइकु
Prakash Chandra
"हास्य व्यंग्य"
Radhakishan R. Mundhra
Loading...