Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Mar 2024 · 1 min read

रुसवा हुए हम सदा उसकी गलियों में,

रुसवा हुए हम सदा उसकी गलियों में,
अब कहाँ सुकून उसकी तंग गलियों में🖤

1 Like · 175 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Vaishaligoel
View all
You may also like:
चेहरे पे लगा उनके अभी..
चेहरे पे लगा उनके अभी..
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
#दिनांक:-19/4/2024
#दिनांक:-19/4/2024
Pratibha Pandey
*मोदी (कुंडलिया)*
*मोदी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"अकेलापन की खुशी"
Pushpraj Anant
साँप का जहर
साँप का जहर
मनोज कर्ण
सुरमई शाम का उजाला है
सुरमई शाम का उजाला है
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
शापित है यह जीवन अपना।
शापित है यह जीवन अपना।
Arvind trivedi
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Srishty Bansal
जीवन
जीवन
Neelam Sharma
🌹🌹🌹शुभ दिवाली🌹🌹🌹
🌹🌹🌹शुभ दिवाली🌹🌹🌹
umesh mehra
इमोशनल पोस्ट
इमोशनल पोस्ट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आवारगी
आवारगी
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Are you strong enough to cry?
Are you strong enough to cry?
पूर्वार्थ
नौकरी
नौकरी
Aman Sinha
नर को न कभी कार्य बिना
नर को न कभी कार्य बिना
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
बीते हुए दिन बचपन के
बीते हुए दिन बचपन के
Dr.Pratibha Prakash
वो इँसा...
वो इँसा...
'अशांत' शेखर
मोहन कृष्ण मुरारी
मोहन कृष्ण मुरारी
Mamta Rani
ऐसे रूठे हमसे कि कभी फिर मुड़कर भी नहीं देखा,
ऐसे रूठे हमसे कि कभी फिर मुड़कर भी नहीं देखा,
Kanchan verma
बारिश के लिए तरस रहे
बारिश के लिए तरस रहे
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मेरे पास तुम्हारी कोई निशानी-ए-तस्वीर नहीं है
मेरे पास तुम्हारी कोई निशानी-ए-तस्वीर नहीं है
शिव प्रताप लोधी
*ये रिश्ते ,रिश्ते न रहे इम्तहान हो गए हैं*
*ये रिश्ते ,रिश्ते न रहे इम्तहान हो गए हैं*
Shashi kala vyas
वो लिखती है मुझ पर शेरों- शायरियाँ
वो लिखती है मुझ पर शेरों- शायरियाँ
Madhuyanka Raj
23/78.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/78.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
🙅आज की बात🙅
🙅आज की बात🙅
*प्रणय प्रभात*
पिला रही हो दूध क्यों,
पिला रही हो दूध क्यों,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"सोचता हूँ"
Dr. Kishan tandon kranti
बारिश और उनकी यादें...
बारिश और उनकी यादें...
Falendra Sahu
अधिकार और पशुवत विचार
अधिकार और पशुवत विचार
ओंकार मिश्र
जेठ सोचता जा रहा, लेकर तपते पाँव।
जेठ सोचता जा रहा, लेकर तपते पाँव।
डॉ.सीमा अग्रवाल
Loading...