Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Aug 2023 · 1 min read

रिश्तो की कच्ची डोर

रिश्तो की बात ना करो जनाब
रिश्ते बड़े मतलबी हो गए है
मिठाई का दाम देखकर
इन्सान की मिठास नापी जाती है।

रिश्तो की बात ना करो जनाब
रिश्तो की डोर बड़ी कच्ची हो गई है…..

इन बदलते रिश्तों में
दूरी की अहमियत हो गई है
जिसे कभी हंसी-मजाक में
यू ही टाल दिया जाता था
अब उसकी भी अपनी
एक वजह हो गई है।

रिश्तो की बात ना करो जनाब
रिश्तो की डोर बडी कच्ची हो गई है….

राखी के धागों से भी कच्ची
रिश्तो की डोर हो गई है
भाई बहन में भी अब अहम्
की बात रह गई है
बहन को भी अब राखियो से
नफरत सी हो गई है।

रिश्तो की बात ना करो जनाब
रिश्तो की डोर बड़ी कच्ची हो गई है…..

हरमिंदर कौर
अमरोहा यूपी
मौलिक रचना

2 Likes · 224 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चाहो न चाहो ये ज़िद है हमारी,
चाहो न चाहो ये ज़िद है हमारी,
Kanchan Alok Malu
ठहर गया
ठहर गया
sushil sarna
"वेश्या का धर्म"
Ekta chitrangini
विकटता और मित्रता
विकटता और मित्रता
Astuti Kumari
हिम्मत और महब्बत एक दूसरे की ताक़त है
हिम्मत और महब्बत एक दूसरे की ताक़त है
SADEEM NAAZMOIN
देव विनायक वंदना
देव विनायक वंदना
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अपने वीर जवान
अपने वीर जवान
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
उनके जख्म
उनके जख्म
'अशांत' शेखर
*वे ही सिर्फ महान : पाँच दोहे*
*वे ही सिर्फ महान : पाँच दोहे*
Ravi Prakash
दिवाली व होली में वार्तालाप
दिवाली व होली में वार्तालाप
Ram Krishan Rastogi
हर एक चोट को दिल में संभाल रखा है ।
हर एक चोट को दिल में संभाल रखा है ।
Phool gufran
"कौन अपने कौन पराये"
Yogendra Chaturwedi
जब मैं मर जाऊं तो कफ़न के जगह किताबों में लपेट देना
जब मैं मर जाऊं तो कफ़न के जगह किताबों में लपेट देना
Keshav kishor Kumar
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ्य
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ्य
Dr.Rashmi Mishra
#शेर-
#शेर-
*प्रणय प्रभात*
थक गये है हम......ख़ुद से
थक गये है हम......ख़ुद से
shabina. Naaz
सोच का आईना
सोच का आईना
Dr fauzia Naseem shad
2775. *पूर्णिका*
2775. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नरसिंह अवतार
नरसिंह अवतार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मौसम  सुंदर   पावन  है, इस सावन का अब क्या कहना।
मौसम सुंदर पावन है, इस सावन का अब क्या कहना।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
लेकिन, प्यार जहां में पा लिया मैंने
लेकिन, प्यार जहां में पा लिया मैंने
gurudeenverma198
मज़बूत होने में
मज़बूत होने में
Ranjeet kumar patre
सत्य से सबका परिचय कराएं, आओ कुछ ऐसा करें
सत्य से सबका परिचय कराएं, आओ कुछ ऐसा करें
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गर तुम हो
गर तुम हो
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न
Shyam Sundar Subramanian
मौज  कर हर रोज कर
मौज कर हर रोज कर
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
प्यार नहीं दे पाऊँगा
प्यार नहीं दे पाऊँगा
Kaushal Kumar Pandey आस
वेला
वेला
Sangeeta Beniwal
मासूमियत
मासूमियत
Punam Pande
Loading...