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14 Mar 2024 · 1 min read

रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है

रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है
रिश्तों को अब आजमाने लगी है
रिश्तों में करके, पैदा मतभेद
दीमक बन रिश्तों को खाने लगी है

1 Like · 181 Views
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