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28 Jun 2016 · 1 min read

*रिश्तों के आगे*

छोटी ‘सी’ ज़िन्दगानी है
लौट नहीँ फ़िर आनी है
रिश्तों के आगे प्यारों
धन-दौलत बेमानी है
*धर्मेन्द्र अरोड़ा*

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 1 Comment · 178 Views
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