Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Mar 2019 · 1 min read

राजनीति:- बदलती निष्ठा बदलती विचारधारा

पार्टी बदले, बदले नेता
क्षण में बदल जाये विचारधारा
ढंग न बदला राजनीति का
तो फिर क्या बदला ?

चुनाव का शोर
कार्यकर्ता-समर्थक ढोते विचारधारा
नेता झट पार्टी बदले, बदले निष्ठा
नारे बदल जाते है झंडे बदल जाते है
नीति रही जैसी की तैसी
तो फिर क्या बदला?

जातिवाद घटे न तिलभर
द्वेष राग का आकार बढ़ें
राजाओं रानियों ने सिद्धांत नीति को
निज अनुरूप गढ़ा
पार्टी बदले, भाषण बदले
बदल गई भाषा
व्यवहार रहा जैसे का तैसा
तो फिर क्या बदला?

बंद मुट्ठियों में जिन हाथों
थी सूबे की सत्ता
नाच रही उनके ही आँगन
बदले अपना रूप
मोहरे बदले, चालें बदलें
बदल गई बाजी
दाँव लगी निष्ठा और विचारधारा की,
तो फिर क्या बदला?

Language: Hindi
1 Like · 427 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
महसूस करो दिल से
महसूस करो दिल से
Dr fauzia Naseem shad
💐अज्ञात के प्रति-121💐
💐अज्ञात के प्रति-121💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मुहब्बत  फूल  होती  है
मुहब्बत फूल होती है
shabina. Naaz
■ सुझाव / समय की मांग
■ सुझाव / समय की मांग
*Author प्रणय प्रभात*
रमेशराज की विरोधरस की मुक्तछंद कविताएँ—2.
रमेशराज की विरोधरस की मुक्तछंद कविताएँ—2.
कवि रमेशराज
उसकी जुबाँ की तरकश में है झूठ हजार
उसकी जुबाँ की तरकश में है झूठ हजार
'अशांत' शेखर
कानून लचर हो जहाँ,
कानून लचर हो जहाँ,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
तू रूठा मैं टूट गया_ हिम्मत तुमसे सारी थी।
तू रूठा मैं टूट गया_ हिम्मत तुमसे सारी थी।
Rajesh vyas
खुद को परोस कर..मैं खुद को खा गया
खुद को परोस कर..मैं खुद को खा गया
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पत्नी जब चैतन्य,तभी है मृदुल वसंत।
पत्नी जब चैतन्य,तभी है मृदुल वसंत।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
हे आशुतोष !
हे आशुतोष !
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मेरे सपने बेहिसाब है।
मेरे सपने बेहिसाब है।
CA Amit Kumar
हमको बच्चा रहने दो।
हमको बच्चा रहने दो।
Manju Singh
!! ख़ुद को खूब निरेख !!
!! ख़ुद को खूब निरेख !!
Chunnu Lal Gupta
*पिचकारी 【कुंडलिया】*
*पिचकारी 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
तारीख
तारीख
Dr. Seema Varma
शिकवा नहीं मुझे किसी से
शिकवा नहीं मुझे किसी से
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
हरि का घर मेरा घर है
हरि का घर मेरा घर है
Vandna thakur
स्त्री का प्रेम ना किसी का गुलाम है और ना रहेगा
स्त्री का प्रेम ना किसी का गुलाम है और ना रहेगा
प्रेमदास वसु सुरेखा
एक महिला अपनी उतनी ही बात को आपसे छिपाकर रखती है जितनी की वह
एक महिला अपनी उतनी ही बात को आपसे छिपाकर रखती है जितनी की वह
Rj Anand Prajapati
जब आए शरण विभीषण तो प्रभु ने लंका का राज दिया।
जब आए शरण विभीषण तो प्रभु ने लंका का राज दिया।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
गुलाब दिवस ( रोज डे )🌹
गुलाब दिवस ( रोज डे )🌹
Surya Barman
* सताना नहीं *
* सताना नहीं *
surenderpal vaidya
त्याग समर्पण न रहे, टूट ते परिवार।
त्याग समर्पण न रहे, टूट ते परिवार।
Anil chobisa
"म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के"
Abdul Raqueeb Nomani
चट्टानी अडान के आगे शत्रु भी झुक जाते हैं, हौसला बुलंद हो तो
चट्टानी अडान के आगे शत्रु भी झुक जाते हैं, हौसला बुलंद हो तो
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
बुद्ध जग में पार लगा दो ।
बुद्ध जग में पार लगा दो ।
Buddha Prakash
मां रा सपना
मां रा सपना
Rajdeep Singh Inda
23/33.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/33.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
अकेले मिलना कि भले नहीं मिलना।
अकेले मिलना कि भले नहीं मिलना।
डॉ० रोहित कौशिक
Loading...