Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Jun 2016 · 1 min read

रहमतें

हँसी खुशी चल रही थी जिन्दगी
फिर वो काली रात आ गयी
नींव ही खुदी थी आशियाने की
भारी आँधी बरसात आ गयी
कोसते रहे इस मौसम को हम
मन में भीगने की बात आ गयी
भीगने निकले ही थे बाहर घर से
धूप भी हमारे ही साथ आ गयी
हर तरह खुद को ढाल लिया हमने
तोड़ने हर बार कायनात आ गयी

“सन्दीप कुमार “

Language: Hindi
482 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जब अन्तस में घिरी हो, दुख की घटा अटूट,
जब अन्तस में घिरी हो, दुख की घटा अटूट,
महेश चन्द्र त्रिपाठी
आदमी सा आदमी_ ये आदमी नही
आदमी सा आदमी_ ये आदमी नही
कृष्णकांत गुर्जर
दीप में कोई ज्योति रखना
दीप में कोई ज्योति रखना
Shweta Soni
लोहा ही नहीं धार भी उधार की उनकी
लोहा ही नहीं धार भी उधार की उनकी
Dr MusafiR BaithA
वो किताब अब भी जिन्दा है।
वो किताब अब भी जिन्दा है।
दुर्गा प्रसाद नाग
डारा-मिरी
डारा-मिरी
Dr. Kishan tandon kranti
दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll
दिलो को जला दे ,लफ्ज़ो मैं हम वो आग रखते है ll
गुप्तरत्न
मजदूर दिवस पर
मजदूर दिवस पर
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
2887.*पूर्णिका*
2887.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
खिंचता है मन क्यों
खिंचता है मन क्यों
Shalini Mishra Tiwari
जिंदगी में अपने मैं होकर चिंतामुक्त मौज करता हूं।
जिंदगी में अपने मैं होकर चिंतामुक्त मौज करता हूं।
Rj Anand Prajapati
गुमनाम शायरी
गुमनाम शायरी
Shekhar Chandra Mitra
जो दिल दरिया था उसे पत्थर कर लिया।
जो दिल दरिया था उसे पत्थर कर लिया।
Neelam Sharma
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
■ सवालिया शेर-
■ सवालिया शेर-
*Author प्रणय प्रभात*
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
नकाबे चेहरा वाली, पेश जो थी हमको सूरत
नकाबे चेहरा वाली, पेश जो थी हमको सूरत
gurudeenverma198
हाइकु (#हिन्दी)
हाइकु (#हिन्दी)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
"राज़" ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
* मधुमास *
* मधुमास *
surenderpal vaidya
बिल्कुल नहीं हूँ मैं
बिल्कुल नहीं हूँ मैं
Aadarsh Dubey
When you learn to view life
When you learn to view life
पूर्वार्थ
कोई हुनर खुद में देखो,
कोई हुनर खुद में देखो,
Satish Srijan
राम
राम
Suraj Mehra
झुग्गियाँ
झुग्गियाँ
नाथ सोनांचली
सच तो जीवन में हमारी सोच हैं।
सच तो जीवन में हमारी सोच हैं।
Neeraj Agarwal
छान रहा ब्रह्मांड की,
छान रहा ब्रह्मांड की,
sushil sarna
अपनी नज़र में खुद
अपनी नज़र में खुद
Dr fauzia Naseem shad
सूखा शजर
सूखा शजर
Surinder blackpen
फूल को,कलियों को,तोड़ना पड़ा
फूल को,कलियों को,तोड़ना पड़ा
कवि दीपक बवेजा
Loading...