Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 May 2024 · 1 min read

यूं ही कोई लेखक नहीं बन जाता।

यूं ही कोई लेखक नहीं बन जाता।

लेखक वो नहीं होता जो सिर्फ अच्छी रचनाएं दे, एक अच्छा लेखक तो वो होता है जिसकी कलम उसके जज़्बात को बयां करती हो, जिसके जज़्बात लोगों के दिल को छू जाते हों और संग में पंक्तियां भी अल्फाज़ बन जाते हों। जिसके शब्द पड़कर लोग स्तब्ध हो जाते हों, और जिसकी कविता पलभर में नवनिर्मित वातावरण को निमंत्रित कर देती हो…ऐसे शब्दों का प्रवाह एक लेखक के रक्त में होता है, आवश्यकता उसे पहचानने की हो।

1 Like · 36 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
भीगे अरमाॅ॑ भीगी पलकें
भीगे अरमाॅ॑ भीगी पलकें
VINOD CHAUHAN
दिल को दिल से खुशी होती है
दिल को दिल से खुशी होती है
shabina. Naaz
🙅आज का ज्ञान🙅
🙅आज का ज्ञान🙅
*प्रणय प्रभात*
चुनाव 2024....
चुनाव 2024....
Sanjay ' शून्य'
चंद्रयान ३
चंद्रयान ३
प्रदीप कुमार गुप्ता
आकुल बसंत!
आकुल बसंत!
Neelam Sharma
मुखौटे
मुखौटे
Shaily
Empty pocket
Empty pocket
Bidyadhar Mantry
***
*** " ये दरारों पर मेरी नाव.....! " ***
VEDANTA PATEL
"आंखरी ख़त"
Lohit Tamta
तू ठहर चांद हम आते हैं
तू ठहर चांद हम आते हैं
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
मां आई
मां आई
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
कल्पित एक भोर पे आस टिकी थी, जिसकी ओस में तरुण कोपल जीवंत हुए।
कल्पित एक भोर पे आस टिकी थी, जिसकी ओस में तरुण कोपल जीवंत हुए।
Manisha Manjari
अहमियत 🌹🙏
अहमियत 🌹🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
धड़कन की तरह
धड़कन की तरह
Surinder blackpen
आधुनिक समय में धर्म के आधार लेकर
आधुनिक समय में धर्म के आधार लेकर
पूर्वार्थ
"गुमान"
Dr. Kishan tandon kranti
मैं हूँ के मैं अब खुद अपने ही दस्तरस में नहीं हूँ
मैं हूँ के मैं अब खुद अपने ही दस्तरस में नहीं हूँ
'अशांत' शेखर
गाली / मुसाफिर BAITHA
गाली / मुसाफिर BAITHA
Dr MusafiR BaithA
कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है ।
कोई गीता समझता है कोई कुरान पढ़ता है ।
Dr. Man Mohan Krishna
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
सुविचार
सुविचार
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
"परिपक्वता"
Dr Meenu Poonia
#दिनांक:-19/4/2024
#दिनांक:-19/4/2024
Pratibha Pandey
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
वफा माँगी थी
वफा माँगी थी
Swami Ganganiya
तलाश है।
तलाश है।
नेताम आर सी
**** फागुन के दिन आ गईल ****
**** फागुन के दिन आ गईल ****
Chunnu Lal Gupta
दिल में एहसास
दिल में एहसास
Dr fauzia Naseem shad
.        ‼️🌹जय श्री कृष्ण🌹‼️
. ‼️🌹जय श्री कृष्ण🌹‼️
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
Loading...