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8 Mar 2024 · 1 min read

यदि है कोई परे समय से तो वो तो केवल प्यार है ” रवि ” समय की रफ्तार मेँ हर कोई गिरफ्तार है

यदि है कोई परे समय से
तो वो तो केवल प्यार है
” रवि ” समय की रफ्तार मेँ हर कोई गिरफ्तार है

पानी से पतला
सागर से गहरा
जमाने पर पहरा है प्यार
दिल मेँ चुभोती
आँखोँ मेँ मोती
बातोँ-बातोँ मेँ होता है प्यार
झुकता नहीँ है
बिकता नहीँ है
रुकता नहीँ
चाहे रोके संसार
खुशियाँ होँ , गम हो
पर जो ना कम हो
बढ़ता जाये जितनी दूरी हो यार
सपनोँ मेँ सोना
यादोँ मेँ खोना
तन्हाई मेँ रोना
होना हो जिसका
उसी का होता है प्यार
सावन की रुनझुन
गीतोँ की गुन-गुन
दिल जिसको सके सुन
वो होता है प्यार
उसके लिए प्यार
जग मेँ कहीँ ना
जिसे रोना आये ना
ना आये आँसू पीना
जीना उसी का
तो जग मेँ है जीना
उमड़ता हो प्यार
जिसमेँ बारहो महीना
सागर की लहरेँ है प्यार
मनचलोँ मेँ दिखे ना ,
बेवफाओँ मेँ टिके ना ,
सच्चे दिल मेँ ही ,
सजता है प्यार ॥

Tag: Poem
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