Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jul 2023 · 1 min read

मौसम सुंदर पावन है, इस सावन का अब क्या कहना।

मौसम सुंदर पावन है, इस सावन का अब क्या कहना।
छाय रही घनघोर घटा, बिन साजन दुस्कर है रहना।
नीर झरे दृग से सजना, मन ढ़ूंँढ रहा तन का गहना।
आन मिलों अनुराग करो, अलगाव नही अब है सहना।।

✍️पं.संजीव शुक्ल ‘सचिन’

1 Like · 255 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from संजीव शुक्ल 'सचिन'
View all
You may also like:
मकर संक्रांति पर्व
मकर संक्रांति पर्व
Seema gupta,Alwar
#ग़ज़ल-
#ग़ज़ल-
*प्रणय प्रभात*
पापा
पापा
Lovi Mishra
पर्वतों से भी ऊॅ॑चा,बुलंद इरादा रखता हूॅ॑ मैं
पर्वतों से भी ऊॅ॑चा,बुलंद इरादा रखता हूॅ॑ मैं
VINOD CHAUHAN
एक पुष्प
एक पुष्प
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
* धरा पर खिलखिलाती *
* धरा पर खिलखिलाती *
surenderpal vaidya
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
जनक देश है महान
जनक देश है महान
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
घर-घर तिरंगा
घर-घर तिरंगा
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
जीवन को अतीत से समझना चाहिए , लेकिन भविष्य को जीना चाहिए ❤️
जीवन को अतीत से समझना चाहिए , लेकिन भविष्य को जीना चाहिए ❤️
Rohit yadav
राम सीता
राम सीता
Shashi Mahajan
पुलिस की चाल
पुलिस की चाल
नेताम आर सी
अर्जक
अर्जक
Mahender Singh
हिन्दी के साधक के लिए किया अदभुत पटल प्रदान
हिन्दी के साधक के लिए किया अदभुत पटल प्रदान
Dr.Pratibha Prakash
2608.पूर्णिका
2608.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
किसने क्या खूबसूरत लिखा है
किसने क्या खूबसूरत लिखा है
शेखर सिंह
*_......यादे......_*
*_......यादे......_*
Naushaba Suriya
ग़ज़ल _ मांगती इंसाफ़ जनता ।
ग़ज़ल _ मांगती इंसाफ़ जनता ।
Neelofar Khan
//खलती तेरी जुदाई//
//खलती तेरी जुदाई//
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
सफर या रास्ता
सफर या रास्ता
Manju Singh
शिछा-दोष
शिछा-दोष
Bodhisatva kastooriya
दोहा-
दोहा-
दुष्यन्त बाबा
अपनी आवाज में गीत गाना तेरा
अपनी आवाज में गीत गाना तेरा
Shweta Soni
युवा कवि नरेन्द्र वाल्मीकि की समाज को प्रेरित करने वाली कविता
युवा कवि नरेन्द्र वाल्मीकि की समाज को प्रेरित करने वाली कविता
Dr. Narendra Valmiki
घड़ी घड़ी में घड़ी न देखें, करें कर्म से अपने प्यार।
घड़ी घड़ी में घड़ी न देखें, करें कर्म से अपने प्यार।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
सेर
सेर
सूरज राम आदित्य (Suraj Ram Aditya)
सुकून
सुकून
इंजी. संजय श्रीवास्तव
*तिक तिक तिक तिक घोड़ा आया (बाल कविता)*
*तिक तिक तिक तिक घोड़ा आया (बाल कविता)*
Ravi Prakash
सूर्य तम दलकर रहेगा...
सूर्य तम दलकर रहेगा...
डॉ.सीमा अग्रवाल
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...