Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jul 2016 · 1 min read

मै भूला दूं तुझे

मै भूला दूं तुझे बोलो कैसे पिया,
मेरे तन -मन मे तु है समाया हुआ।

क्या देखा कभी चांद की दुश्मनी रोशनी को अकेले मे रोते हुए,
क्या किरणों को देखा कभी आपने सूरज से तन्हा होते हुए,
फिर अपराध कोई क्या हमने किया,
मै भूला दूं तुझे बोलो कैसे पिया
मै भूला दूं……..

तुम कहो तो भुला दूं ये संसार मै छोटा सा आंगना बाबुल का प्यार मै,
इसी घूंघट मे हस लूंगी रो लूंगी मै भूलूंगी नहीं तेरा उपकार मै,
पूरा जिवन हीं तुझको अर्पण किया,
मै भूला दूं तुझे बोलो कैसे पिया,
मै भूला दूं….

सात फेरों के संग सात वचनें बंधी तु मेरा बना मै तेरी बनी,
पुष्प मंत्रों से अग्नि सुशोभित हुई लोग कहने लगे तेरी अर्धांगिनी,
है भगवन् ने खुद तुमको मुझको दिया,
मै भूला दूं तुझे बोलो कैसे पिया,
मै भूला दूं……

तेरे बिना मै बिखर जाऊगी दुनिया के तानों से मर जाऊगी ,
तु रिश्तों को सारे भले तोड़ दे मै तेरे बिना कैसे घर जाऊंगी,
तेरे रिश्तों ने मुझको पावन किया,
मै भुला दूं तुझे बोलो कैसे पिया

कवि अभिषेक पाण्डेय

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 291 Views
You may also like:
महाकवि
Shekhar Chandra Mitra
वार्तालाप….
Piyush Goel
उन माँ बाप को भूला दिया
gurudeenverma198
नख-शिख हाइकु
Ashwani Kumar Jaiswal
गीत... कौन है जो
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
✍️वो इंसा ही क्या ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
Affection couldn't be found in shallow spaces.
Manisha Manjari
*नौलखा* { कुंडलिया}
Ravi Prakash
गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से
Ram Krishan Rastogi
सुर बिना संगीत सूना.!
Prabhudayal Raniwal
क़ौल ( प्रण )
Shyam Sundar Subramanian
दोहा में लय, समकल -विषमकल, दग्धाक्षर , जगण पर विचार...
Subhash Singhai
जेब में सरकार लिए फिरते हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
जस का तस / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
💐💐💐न पूछो हाल मेरा तुम,मेरा दिल ही दुखाओगे💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सुकून
Harshvardhan "आवारा"
बाल कविता: मछली
Rajesh Kumar Arjun
गाँव के रंग में
सिद्धार्थ गोरखपुरी
प्रतिस्पर्धा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बचपन की यादें
AMRESH KUMAR VERMA
किताब
Seema 'Tu hai na'
एक तोला स्त्री
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
मां
हरीश सुवासिया
'वर्षा ऋतु'
Godambari Negi
कलम बन जाऊंगा।
Taj Mohammad
✍️शराब का पागलपन✍️
'अशांत' शेखर
प्रेम
लक्ष्मी सिंह
तिरंगा
Pakhi Jain
इश्क़ में ज़िंदगी नहीं मिलती
Dr fauzia Naseem shad
Loading...