Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 May 2023 · 1 min read

मै ठंठन गोपाल

मै ठंठन गोपाल

बिछा हुआ हैँ सेज पर
अब काँटों का बौच्छर
मेरी मुहब्बत छोड़ गईं
मै हुआ ठंठन गोपाल..

विरहागनी पर जलते जलते
लिख रहा हूँ लेख
मेरी मुहब्बत अब छोड़ गईं
विधुर हृदय को देख.

तड़फ रहा हैँ विधुर हृदय
क्या लिखेगा लेख
मेरी मुहब्बत हृदय बसे
हृदय फाड़ कर देख.

लिखते लिखते हाथ हिली
लड़ख रहा जो बाल
मेरी मुहब्बत छीन गईं
मै हुआ ठंठन गोपाल

डॉ. विजय कन्नौजे अमोदी आरंग रायपुर

Language: Hindi
2 Likes · 247 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दिहाड़ी मजदूर
दिहाड़ी मजदूर
Satish Srijan
वसन्त का स्वागत है vasant kaa swagat hai
वसन्त का स्वागत है vasant kaa swagat hai
Mohan Pandey
ये सुबह खुशियों की पलक झपकते खो जाती हैं,
ये सुबह खुशियों की पलक झपकते खो जाती हैं,
Manisha Manjari
आज हम जा रहे थे, और वह आ रही थी।
आज हम जा रहे थे, और वह आ रही थी।
SPK Sachin Lodhi
जो गुजर रही हैं दिल पर मेरे उसे जुबान पर ला कर क्या करू
जो गुजर रही हैं दिल पर मेरे उसे जुबान पर ला कर क्या करू
Rituraj shivem verma
"शाम की प्रतीक्षा में"
Ekta chitrangini
पेड़ नहीं, बुराइयां जलाएं
पेड़ नहीं, बुराइयां जलाएं
अरशद रसूल बदायूंनी
जीत कहां ऐसे मिलती है।
जीत कहां ऐसे मिलती है।
नेताम आर सी
माँ
माँ
Sidhartha Mishra
किधर चले हो यूं मोड़कर मुँह मुझे सनम तुम न अब सताओ
किधर चले हो यूं मोड़कर मुँह मुझे सनम तुम न अब सताओ
Dr Archana Gupta
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
ज़िंदगी के सौदागर
ज़िंदगी के सौदागर
Shyam Sundar Subramanian
*****रामलला*****
*****रामलला*****
Kavita Chouhan
माँ की छाया
माँ की छाया
Arti Bhadauria
मां शारदे कृपा बरसाओ
मां शारदे कृपा बरसाओ
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
शिक्षक को शिक्षण करने दो
शिक्षक को शिक्षण करने दो
Sanjay Narayan
" नम पलकों की कोर "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
हिडनवर्ग प्रपंच
हिडनवर्ग प्रपंच
मनोज कर्ण
लेती है मेरा इम्तिहान ,कैसे देखिए
लेती है मेरा इम्तिहान ,कैसे देखिए
Shweta Soni
ऐसा क्या लिख दू मैं.....
ऐसा क्या लिख दू मैं.....
Taj Mohammad
पहला कदम
पहला कदम
प्रकाश जुयाल 'मुकेश'
कब तक बरसेंगी लाठियां
कब तक बरसेंगी लाठियां
Shekhar Chandra Mitra
चंदन माँ पन्ना की कल्पनाएँ
चंदन माँ पन्ना की कल्पनाएँ
Anil chobisa
अपने-अपने चक्कर में,
अपने-अपने चक्कर में,
Dr. Man Mohan Krishna
खुशनसीब
खुशनसीब
Bodhisatva kastooriya
कोई किसी का कहां हुआ है
कोई किसी का कहां हुआ है
Dr fauzia Naseem shad
शायरी
शायरी
डॉ मनीष सिंह राजवंशी
✍️♥️✍️
✍️♥️✍️
Vandna thakur
भरोसा सब पर कीजिए
भरोसा सब पर कीजिए
Ranjeet kumar patre
चांदनी रात
चांदनी रात
Mahender Singh
Loading...