Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Feb 2024 · 1 min read

#मैथिली_हाइकु

१.
बिना औजार
उबजे नय खेती
अन्न सपना !
२.
हौ बुद्धिमान
सोच निच तोहर
तें बकनेर !
३.
छै बकलोल
बिना फार-कनैल
जोतैछ हर !
४.
दू मुँहा लोग
लक्ष्य बिनाके भोग
सपना होत ।
५.
बापक भाषा
अपन बुझहैछ
म्यामें छै भ्रम !
#दिनेश_यादव, काठमाण्डू (नेपाल)

Language: Maithili
1 Like · 66 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
View all
You may also like:
मेवाडी पगड़ी की गाथा
मेवाडी पगड़ी की गाथा
Anil chobisa
कई रंग देखे हैं, कई मंजर देखे हैं
कई रंग देखे हैं, कई मंजर देखे हैं
कवि दीपक बवेजा
प्रश्नपत्र को पढ़ने से यदि आप को पता चल जाय कि आप को कौन से
प्रश्नपत्र को पढ़ने से यदि आप को पता चल जाय कि आप को कौन से
Sanjay ' शून्य'
ज़िन्दगी एक उड़ान है ।
ज़िन्दगी एक उड़ान है ।
Phool gufran
गहरे ध्यान में चले गए हैं,पूछताछ से बचकर।
गहरे ध्यान में चले गए हैं,पूछताछ से बचकर।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रहो कृष्ण की ओट
रहो कृष्ण की ओट
Satish Srijan
वो जहां
वो जहां
हिमांशु Kulshrestha
कविता
कविता
Shiva Awasthi
जगत का हिस्सा
जगत का हिस्सा
Harish Chandra Pande
ज़िंदगी की उलझन;
ज़िंदगी की उलझन;
शोभा कुमारी
पूरे शहर का सबसे समझदार इंसान नादान बन जाता है,
पूरे शहर का सबसे समझदार इंसान नादान बन जाता है,
Rajesh Kumar Arjun
कई वर्षों से ठीक से होली अब तक खेला नहीं हूं मैं /लवकुश यादव
कई वर्षों से ठीक से होली अब तक खेला नहीं हूं मैं /लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
*मिला है जिंदगी में जो, प्रभो आभार है तेरा (मुक्तक)*
*मिला है जिंदगी में जो, प्रभो आभार है तेरा (मुक्तक)*
Ravi Prakash
यदि मन में हो संकल्प अडिग
यदि मन में हो संकल्प अडिग
महेश चन्द्र त्रिपाठी
इस टूटे हुए दिल को जोड़ने की   कोशिश मत करना
इस टूटे हुए दिल को जोड़ने की कोशिश मत करना
Anand.sharma
हमारा विद्यालय
हमारा विद्यालय
आर.एस. 'प्रीतम'
जिनके बिन घर सूना सूना दिखता है।
जिनके बिन घर सूना सूना दिखता है।
सत्य कुमार प्रेमी
उनको देखा तो हुआ,
उनको देखा तो हुआ,
sushil sarna
हिन्दी दिवस
हिन्दी दिवस
मनोज कर्ण
"चार पैरों वाला मेरा यार"
Lohit Tamta
दोस्ती
दोस्ती
Mukesh Kumar Sonkar
*कर्म बंधन से मुक्ति बोध*
*कर्म बंधन से मुक्ति बोध*
Shashi kala vyas
चलते चलते
चलते चलते
ruby kumari
गुलाम
गुलाम
Punam Pande
साल ये अतीत के,,,,
साल ये अतीत के,,,,
Shweta Soni
"शुक्रगुजार करो"
Dr. Kishan tandon kranti
चुप्पी
चुप्पी
डी. के. निवातिया
ठंड
ठंड
Ranjeet kumar patre
■स्वाधीनों के लिए■
■स्वाधीनों के लिए■
*Author प्रणय प्रभात*
गज़ल सी रचना
गज़ल सी रचना
Kanchan Khanna
Loading...