Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Feb 2023 · 1 min read

मेरे जीवन का बस एक ही मूल मंत्र रहा है जो प्राप्त है वही पर्याप्त है। उससे अधिक

मेरे जीवन का बस एक ही मूल मंत्र रहा है जो प्राप्त है वही पर्याप्त है। उससे अधिक न मांगता न चाहिये ।।
लेकिन फिर भी लोग चैन से जीने कहाँ देते हैं उनका ध्यान हमेशा अपने सुख से ज्यादा दूसरे के सुख पर ।
अर्थात इसकी क़मीज़ मेरी क़मीज़ से ज्यादा सफ़ेद क्यूँ ?

625 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR ARUN KUMAR SHASTRI
View all
You may also like:
जिन्दगी के कुछ लम्हें अनमोल बन जाते हैं,
जिन्दगी के कुछ लम्हें अनमोल बन जाते हैं,
शेखर सिंह
केही कथा/इतिहास 'Pen' ले र केही 'Pain' ले लेखिएको पाइन्छ।'Pe
केही कथा/इतिहास 'Pen' ले र केही 'Pain' ले लेखिएको पाइन्छ।'Pe
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
विकलांगता : नहीं एक अभिशाप
विकलांगता : नहीं एक अभिशाप
Dr. Upasana Pandey
🌷मनोरथ🌷
🌷मनोरथ🌷
पंकज कुमार कर्ण
छिपे दुश्मन
छिपे दुश्मन
Dr. Rajeev Jain
3352.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3352.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
पहला श्लोक ( भगवत गीता )
पहला श्लोक ( भगवत गीता )
Bhupendra Rawat
लघुकथा - दायित्व
लघुकथा - दायित्व
अशोक कुमार ढोरिया
बड़बोले बढ़-बढ़ कहें, झूठी-सच्ची बात।
बड़बोले बढ़-बढ़ कहें, झूठी-सच्ची बात।
डॉ.सीमा अग्रवाल
जाने के बाद .....लघु रचना
जाने के बाद .....लघु रचना
sushil sarna
इंसान को इतना पाखंड भी नहीं करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी उसे
इंसान को इतना पाखंड भी नहीं करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी उसे
Jogendar singh
कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो,कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो,
कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो,कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो,
Ranjeet kumar patre
समूची दुनिया में
समूची दुनिया में
*प्रणय प्रभात*
*रामपुर में सर्वप्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के प्रत्यक्षदर्शी श्री रामनाथ टंडन*
*रामपुर में सर्वप्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के प्रत्यक्षदर्शी श्री रामनाथ टंडन*
Ravi Prakash
*
*"अक्षय तृतीया"*
Shashi kala vyas
रमेशराज की माँ विषयक मुक्तछंद कविताएँ
रमेशराज की माँ विषयक मुक्तछंद कविताएँ
कवि रमेशराज
मां के किसी कोने में आज भी बचपन खेलता हैयाद आती है गुल्ली डं
मां के किसी कोने में आज भी बचपन खेलता हैयाद आती है गुल्ली डं
Ashwini sharma
रूठकर के खुदसे
रूठकर के खुदसे
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Dr Archana Gupta
मत छेड़ हमें देशभक्ति में हम डूबे है।
मत छेड़ हमें देशभक्ति में हम डूबे है।
Rj Anand Prajapati
बाबू जी
बाबू जी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मेरे स्वप्न में आकर खिलखिलाया न करो
मेरे स्वप्न में आकर खिलखिलाया न करो
Akash Agam
" धरम "
Dr. Kishan tandon kranti
स्त्री मन
स्त्री मन
Vibha Jain
वाह भाई वाह
वाह भाई वाह
Dr Mukesh 'Aseemit'
माना जीवन लघु बहुत,
माना जीवन लघु बहुत,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
!! ईश्वर का धन्यवाद करो !!
!! ईश्वर का धन्यवाद करो !!
Akash Yadav
कान्हा मेरे जैसे छोटे से गोपाल
कान्हा मेरे जैसे छोटे से गोपाल
Harminder Kaur
बसंत
बसंत
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
नानी का घर
नानी का घर
सुरेश ठकरेले "हीरा तनुज"
Loading...