Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Feb 2024 · 1 min read

मेरी कलम से…

मेरी कलम से…
आनन्द कुमार

मर्दों और मुर्दों के शब्द में अंतर बहुत छोटा है, लेकिन मतलब बहुत बड़ा, इसलिए कुछ भी बोलने से पहले यह ध्यान रखें, आपके शब्द भले ही छोटे हैं, लेकिन उनका चयन सही नहीं है तो चुभते बहुत हैं।

73 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नए पुराने रूटीन के याचक
नए पुराने रूटीन के याचक
Dr MusafiR BaithA
#हमारे_सरोकार
#हमारे_सरोकार
*Author प्रणय प्रभात*
आज के बच्चों की बदलती दुनिया
आज के बच्चों की बदलती दुनिया
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
गुहार
गुहार
Sonam Puneet Dubey
होने को अब जीवन की है शाम।
होने को अब जीवन की है शाम।
Anil Mishra Prahari
"चुनाव के दौरान नेता गरीबों के घर खाने ही क्यों जाते हैं, गर
दुष्यन्त 'बाबा'
लकवा
लकवा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
रोजाना आता नई , खबरें ले अखबार (कुंडलिया)
रोजाना आता नई , खबरें ले अखबार (कुंडलिया)
Ravi Prakash
गहरा है रिश्ता
गहरा है रिश्ता
Surinder blackpen
आमदनी ₹27 और खर्चा ₹ 29
आमदनी ₹27 और खर्चा ₹ 29
कार्तिक नितिन शर्मा
एतमाद नहीं करते
एतमाद नहीं करते
Dr fauzia Naseem shad
पत्थर
पत्थर
Shyam Sundar Subramanian
आज के समय में शादियों की बदलती स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
आज के समय में शादियों की बदलती स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
पूर्वार्थ
नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी
कवि रमेशराज
कर सत्य की खोज
कर सत्य की खोज
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
जल संरक्षण
जल संरक्षण
Preeti Karn
धूमिल होती यादों का, आज भी इक ठिकाना है।
धूमिल होती यादों का, आज भी इक ठिकाना है।
Manisha Manjari
2435.पूर्णिका
2435.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Man has only one other option in their life....
Man has only one other option in their life....
सिद्धार्थ गोरखपुरी
संविधान की मौलिकता
संविधान की मौलिकता
Shekhar Chandra Mitra
*कुकर्मी पुजारी*
*कुकर्मी पुजारी*
Dushyant Kumar
बिजलियों का दौर
बिजलियों का दौर
अरशद रसूल बदायूंनी
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कुछ राज, राज रहने दो राज़दार।
कुछ राज, राज रहने दो राज़दार।
डॉ० रोहित कौशिक
हम कितने चैतन्य
हम कितने चैतन्य
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
हम हिंदुस्तानियों की पहचान है हिंदी।
हम हिंदुस्तानियों की पहचान है हिंदी।
Ujjwal kumar
The reflection of love
The reflection of love
Bidyadhar Mantry
श्राद्ध पक्ष के दोहे
श्राद्ध पक्ष के दोहे
sushil sarna
जिसप्रकार
जिसप्रकार
Dr.Rashmi Mishra
खुद्दारी ( लघुकथा)
खुद्दारी ( लघुकथा)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Loading...