Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jun 2016 · 1 min read

मेरी कलम बस लिख जाये…………….

चाहे गीत लिखूँ न माता रमणी के श्रृंगारों को
चाहे वर्णन करूँ नहीं कुदरत के हसीं नजारों का
सीमा पर जो हँस हँस गिरते भारत माँ की जय कहकर
मेरी कलम बस लिख जाये उन, शीशों के जयकारों को।
–दीपक गोस्वामी चिराग
बहजोई सम्भल उ प्र

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Comment · 287 Views
You may also like:
मुझे मेरे गाँव पहुंचा देना
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
✍️दिल चाहता...
'अशांत' शेखर
मां के तट पर
जगदीश लववंशी
मेरे बिना तुम जी नहीं सकोगे
gurudeenverma198
प्रेमानुभूति भाग-1 'प्रेम वियोगी ना जीवे, जीवे तो बौरा होई।’
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
लुटेरों का सरदार
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
चलो करें धूम - धड़ाका..
लक्ष्मी सिंह
शंकर छंद और विधाएँ
Subhash Singhai
तेरा एहसास
Dr fauzia Naseem shad
"Happy National Brother's Day"
Lohit Tamta
*अमृत-बेला आई है (देशभक्ति गीत)*
Ravi Prakash
माँ तेरी जैसी कोई नही।
Anamika Singh
नौकरी
Buddha Prakash
प्रेयसी
Dr. Sunita Singh
लैला-मजनूं
Shekhar Chandra Mitra
मैं आजाद भारत बोल रहा हूँ
VINOD KUMAR CHAUHAN
एक जवानी थी
Varun Singh Gautam
हिन्दी भाषा
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
बहुआयामी वात्सल्य दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नेताओं के घर भी बुलडोजर चल जाए
Dr. Kishan Karigar
नर्मदा के घाट पर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
तुझसे रूठ कर
Sadanand Kumar
* साम वेदना *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
उस पार
shabina. Naaz
संघर्ष बिना कुछ नहीं मिलता
Shriyansh Gupta
तितली तेरे पंख
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
✍️इतने महान नही ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मुख्तालिफ बातें।
Taj Mohammad
दो शरारती गुड़िया
Prabhudayal Raniwal
# हमको नेता अब नवल मिले .....
Chinta netam " मन "
Loading...