Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Jul 2023 · 1 min read

मेरा प्रयास ही है, मेरा हथियार किसी चीज को पाने के लिए ।

मेरा प्रयास ही है, मेरा हथियार किसी चीज को पाने के लिए ।

1 Like · 551 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
माँ काली
माँ काली
Sidhartha Mishra
"चाहत " ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
शराफत नहीं अच्छी
शराफत नहीं अच्छी
VINOD CHAUHAN
■ कितना वदल गया परिवेश।।😢😢
■ कितना वदल गया परिवेश।।😢😢
*प्रणय प्रभात*
पृथ्वी दिवस
पृथ्वी दिवस
Kumud Srivastava
पढी -लिखी लडकी रोशन घर की
पढी -लिखी लडकी रोशन घर की
Swami Ganganiya
डगर जिंदगी की
डगर जिंदगी की
Monika Yadav (Rachina)
कुछ राज़ बताए थे अपनों को
कुछ राज़ बताए थे अपनों को
Rekha khichi
Drapetomania
Drapetomania
Vedha Singh
गुलाम
गुलाम
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
फागुनी धूप, बसंती झोंके
फागुनी धूप, बसंती झोंके
Shweta Soni
पुलिस की ट्रेनिंग
पुलिस की ट्रेनिंग
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आज गरीबी की चौखट पर (नवगीत)
आज गरीबी की चौखट पर (नवगीत)
Rakmish Sultanpuri
"निगाहें"
Dr. Kishan tandon kranti
विघ्न-विनाशक नाथ सुनो, भय से भयभीत हुआ जग सारा।
विघ्न-विनाशक नाथ सुनो, भय से भयभीत हुआ जग सारा।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
प्रभु हैं खेवैया
प्रभु हैं खेवैया
Dr. Upasana Pandey
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Stop cheating on your future with your past.
Stop cheating on your future with your past.
पूर्वार्थ
कुछ लोग चांद निकलने की ताक में रहते हैं,
कुछ लोग चांद निकलने की ताक में रहते हैं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
ममतामयी मां
ममतामयी मां
SATPAL CHAUHAN
राधा और मुरली को भी छोड़ना पड़ता हैं?
राधा और मुरली को भी छोड़ना पड़ता हैं?
The_dk_poetry
जिंदगी एक आज है
जिंदगी एक आज है
Neeraj Agarwal
अब बस बहुत हुआ हमारा इम्तिहान
अब बस बहुत हुआ हमारा इम्तिहान
ruby kumari
*निकला है चाँद द्वार मेरे*
*निकला है चाँद द्वार मेरे*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
महादेव का भक्त हूँ
महादेव का भक्त हूँ
लक्ष्मी सिंह
ऐ .. ऐ .. ऐ कविता
ऐ .. ऐ .. ऐ कविता
नेताम आर सी
आवाज मन की
आवाज मन की
Pratibha Pandey
खाते मोबाइल रहे, हम या हमको दुष्ट (कुंडलिया)
खाते मोबाइल रहे, हम या हमको दुष्ट (कुंडलिया)
Ravi Prakash
मौहब्बत की नदियां बहा कर रहेंगे ।
मौहब्बत की नदियां बहा कर रहेंगे ।
Phool gufran
गम   तो    है
गम तो है
Anil Mishra Prahari
Loading...