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2 Apr 2024 · 1 min read

मुझे भी लगा था कभी, मर्ज ऐ इश्क़,

मुझे भी लगा था कभी, मर्ज ऐ इश्क़,
फ़रमाया मैंने भी, उसे अर्ज-ऐ-इश्क़,
छुड़ाकर चला वो गया हाथ मुझ से,
निभा न सका, बेवफ़ा फ़र्ज ऐ इश्क़!!
!
डी के निवातिया

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