Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Feb 2024 · 1 min read

मुझको उनसे क्या मतलब है

मुझको उनसे मतलब क्या है।
उनकी वो जाने मुझको क्या लेना।।
मुझसे जब वो है अजनबी तो।
चाहता नहीं उनसे मैं बात करना।।
मुझको उनसे मतलब क्या है—————-।।

उनके लिए क्यों दुःखी मैं होऊँ।
मेरी भी तो कोई तकलीफ होगी।।
मैं क्यों दुहा करुँ उनके लिए।
मेरी भी तो कोई मिन्नत होगी।।
वो तो दिखाते हैं अपना अहम।
चाहता नहीं उनसे मैं हाथ मिलाना।।
मुझको उनसे मतलब क्या है—————-।।

क्या है कमी मेरे गुलशन में।
झिलमिल तारें हैं मेरे गगन में।।
माना कि वो राजा दौलत का है।
आबाद हैं लोग मेरे वतन में।।
दिखते हैं मुझको वो सौदागर।
चाहता नहीं सौदा इज्जत का करना।।
मुझको उनसे मतलब क्या है——————-।।

ख्याल नहीं उनको औरों के दुःखों का।
हँसते हैं वो औरों के दुःख पर।।
रिश्तों का वो नहीं जानते मतलब।
आबाद है वो औरों के खूं पर।।
शौक है उनका बलवें करवाना।
चाहता नहीं उनको मैं शीश झुकाना।।
मुझको उनसे मतलब क्या है——————।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
Tag: गीत
51 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आलता महावर
आलता महावर
Pakhi Jain
*साम वेदना*
*साम वेदना*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
“आँख के बदले आँख पूरी दुनिया को अँधा बना देगी”- गांधी जी
“आँख के बदले आँख पूरी दुनिया को अँधा बना देगी”- गांधी जी
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Shweta Soni
चाहने लग गए है लोग मुझको भी थोड़ा थोड़ा,
चाहने लग गए है लोग मुझको भी थोड़ा थोड़ा,
Vishal babu (vishu)
!! रे, मन !!
!! रे, मन !!
Chunnu Lal Gupta
आदमी बेकार होता जा रहा है
आदमी बेकार होता जा रहा है
हरवंश हृदय
सरकार बिक गई
सरकार बिक गई
साहित्य गौरव
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
मानवता
मानवता
Rahul Singh
आईना
आईना
Sûrëkhâ Rãthí
रिश्ते वही अनमोल
रिश्ते वही अनमोल
Dr fauzia Naseem shad
तुझसे कुछ नहीं चाहिये ए जिन्दगीं
तुझसे कुछ नहीं चाहिये ए जिन्दगीं
Jay Dewangan
सुनहरे सपने
सुनहरे सपने
Shekhar Chandra Mitra
💐प्रेम कौतुक-539💐
💐प्रेम कौतुक-539💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
स्वयंसिद्धा
स्वयंसिद्धा
ऋचा पाठक पंत
कुछ काम करो , कुछ काम करो
कुछ काम करो , कुछ काम करो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
23/125.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/125.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
दायरे से बाहर (आज़ाद गज़लें)
दायरे से बाहर (आज़ाद गज़लें)
AJAY PRASAD
चाहत
चाहत
Shyam Sundar Subramanian
उसे मैं भूल जाऊंगा, ये मैं होने नहीं दूंगा।
उसे मैं भूल जाऊंगा, ये मैं होने नहीं दूंगा।
सत्य कुमार प्रेमी
"भरोसा"
Dr. Kishan tandon kranti
गुमनाम रहने दो मुझे।
गुमनाम रहने दो मुझे।
Satish Srijan
■ प्रभात वन्दन
■ प्रभात वन्दन
*Author प्रणय प्रभात*
*जय माँ झंडेया वाली*
*जय माँ झंडेया वाली*
Poonam Matia
सृष्टि रचेता
सृष्टि रचेता
RAKESH RAKESH
मेरी कहानी मेरी जुबानी
मेरी कहानी मेरी जुबानी
Vandna Thakur
मन हो अगर उदास
मन हो अगर उदास
कवि दीपक बवेजा
योग महा विज्ञान है
योग महा विज्ञान है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
महिला दिवस कुछ व्यंग्य-कुछ बिंब
महिला दिवस कुछ व्यंग्य-कुछ बिंब
Suryakant Dwivedi
Loading...