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Mar 29, 2019 · 1 min read

मुक्तक

औरों को ख़ुश देख के जलते नहीं हैं हम,
कीमत लगाते लोग पर बिकते नहीं हैं हम,
मुझ से हैं कई लोग इसी बात से ख़फा,
जीते हैं सर उठा के क्यूं झुकते नहीं हैं हम

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