Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Jul 2016 · 1 min read

मुक्तक :– चाहतें महफिल में भी मुस्कान की प्यासी रही !!

मुक्तक :– चाहतें महफिल में भी मुस्कान की प्यासी रही !!

चाहतें महफिल में भी मुस्कान की प्यासी रही !
साँस ! मेरी हर पहर अहसान की प्यासी रही !
प्यार से जिसको नवाजा उम्र भर एक आस में ,
वो तो हमदम हमनसी शमशान की प्यासी रही !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 10 Comments · 503 Views
You may also like:
Freedom
Aditya Prakash
कहानी
Pakhi Jain
🚩अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश
Pt. Brajesh Kumar Nayak
अगर मेरे साथ यह नहीं किया होता तूने
gurudeenverma198
तेरा मेरा नाता
Alok Saxena
डिजिटल इंडिया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जन्माष्टमी
लक्ष्मी सिंह
पैसे की महिमा
Ram Krishan Rastogi
तरुवर की शाखाएंँ
Buddha Prakash
नहीं छिपती
shabina. Naaz
💐 मेरी तलाश💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
पहचान
Dr.S.P. Gautam
क्या कहते हो हमसे।
Taj Mohammad
हाँ! मैं करता हूँ प्यार
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
घर घर तिरंगा हो।
Rajesh Kumar Arjun
लानत है
Shekhar Chandra Mitra
स्थानांतरण
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
धरती कहें पुकार के
Mahender Singh Hans
" हमरा सबकें ह्रदय सं जुड्बाक प्रयास हेबाक चाहि "
DrLakshman Jha Parimal
नीम का छाँव लेकर
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मेरी (अपनी) आवाज़
Shivraj Anand
जिन्दगी एक दरिया है
Anamika Singh
घडी़ की टिक-टिक⏱️⏱️
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
बरसाती कुण्डलिया नवमी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
✍️सिर्फ गांधी का गांधी होना पर्याप्त नहीं था...
'अशांत' शेखर
उम्मीद
Sushil chauhan
बात किसी और नाम किसी और का
Anurag pandey
*मुंडी लिपि : बहीखातों की प्राचीन लिपि*
Ravi Prakash
दिलों से नफ़रतें सारी
Dr fauzia Naseem shad
आखरी उत्तराधिकारी
Prabhudayal Raniwal
Loading...