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18 Sep 2023 · 1 min read

मिलना अगर प्रेम की शुरुवात है तो बिछड़ना प्रेम की पराकाष्ठा

मिलना अगर प्रेम की शुरुवात है तो बिछड़ना प्रेम की पराकाष्ठा है। अतः बिरह में प्रेम का रंग और गाढ़ा होता है, तभी तो गोपियों से निराश हुए उद्धव जी। सत्य को रखवार और प्रेम को पतवार की आवश्यकता नहीं होती।

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