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25 Jun 2022 · 1 min read

मातृभूमि

कह नहीं पाते जो वो लिख देते है।
अकेले है हम खुद रोकर चुप हो लेते है।
कुदरत ने जो भी दिया है कबूल है हमें।
कुछ बड़ा बनाना चाहती है हमें इसलिए शायद ठोकर ठोकर दे देकर मजबूत कर रही है।
समझ में नहीं आता कि ये मेरी ज़िन्दगी ज़रूर किसी न किसी की कृपा दृष्टि से चल रही है।
तुम्हारी इतनी हैसियत तो नहीं ।
पर तुम जैसी हसीनो को हम औकात दिखा देंगे।
अहंकार हो गया मतलब खुदा को भुला दिया।
जिसने तुम्हे जन्म दिया उसे दुत्कार दिया।
हे ! अंग्रेजी बोलने वाले पर मत जाओ।
मातृभूमि से बढ़कर कोई मां नहीं होती।

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 265 Views
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