Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Aug 2023 · 1 min read

माॅं की कशमकश

यह माॅं की है दुआ
ऐ खुदा मुझको देना एक बिटिया
सारे शौक करूं मैं पूरे उसके,
पूरी करूं हर एक इच्छा,
चलो अच्छा हुआ ।

यह तीज का त्यौहार भी बीत गया..

वक्त बिता बीते लम्हें
गुजरे लम्हों के साथ
देखो क्या क्या हुआ ?
माॅं कहे !
अब हाथ में मेरे क्या रह गया ?
सब कुछ अब बिटिया
भैया- भावज का हुआ
मान सम्मान अब सब तेरा
उनकी मनमर्जी का हुआ।

चलो अच्छा हुआ यह त्योहार भी बीत गया..

तीज त्योहार पर कैसे शगुन पहुंचाऊ
कैसे बिटिया मैं तुझको अपने द्वार बुलाऊ
कमी तो नहीं है शान शौकत में हमारी
पर बिटिया मैं अब वक्त की हूं मारी
तू तो सब जानती है खुद को समझ लेना।

चलो अच्छा हुआ यह त्योहार भी बीत गया..

तुझको शगुन जब जाता नहीं
मन मेरा भी बिटिया लगता नहीं
कैसे मैं मन को समझाऊगी
पापा की दुलारी को बताऊंगी ससुराल में
ससुराल में ना किसी को कुछ बतलाना
भाई- भाभी का ना मान घटाना ।

चलो अच्छा हुआ यह त्यौहार भी बीत गया….

2 Likes · 327 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
Jo Apna Nahin 💔💔
Jo Apna Nahin 💔💔
Yash mehra
मुझे कल्पनाओं से हटाकर मेरा नाता सच्चाई से जोड़ता है,
मुझे कल्पनाओं से हटाकर मेरा नाता सच्चाई से जोड़ता है,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
वो पेड़ को पकड़ कर जब डाली को मोड़ेगा
वो पेड़ को पकड़ कर जब डाली को मोड़ेगा
Keshav kishor Kumar
*ये सावन जब से आया है, तुम्हें क्या हो गया बादल (मुक्तक)*
*ये सावन जब से आया है, तुम्हें क्या हो गया बादल (मुक्तक)*
Ravi Prakash
न रोजी न रोटी, हैं जीने के लाले।
न रोजी न रोटी, हैं जीने के लाले।
सत्य कुमार प्रेमी
प्रेम स्वतंत्र आज हैं?
प्रेम स्वतंत्र आज हैं?
The_dk_poetry
माँ की याद आती है ?
माँ की याद आती है ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
उदास हो गयी धूप ......
उदास हो गयी धूप ......
sushil sarna
"दिल बेकरार रहेगा"
Dr. Kishan tandon kranti
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ख़ामोश हर ज़ुबाँ पर
ख़ामोश हर ज़ुबाँ पर
Dr fauzia Naseem shad
हमें भी जिंदगी में रंग भरने का जुनून था
हमें भी जिंदगी में रंग भरने का जुनून था
VINOD CHAUHAN
सच्चा प्यार
सच्चा प्यार
Mukesh Kumar Sonkar
लिखना पूर्ण विकास नहीं है बल्कि आप के बारे में दूसरे द्वारा
लिखना पूर्ण विकास नहीं है बल्कि आप के बारे में दूसरे द्वारा
Rj Anand Prajapati
मन
मन
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Seema Garg
फ़ेसबुक पर पिता दिवस / मुसाफ़िर बैठा
फ़ेसबुक पर पिता दिवस / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
जीवन
जीवन
Neeraj Agarwal
*┄┅════❁ 卐ॐ卐 ❁════┅┄​*
*┄┅════❁ 卐ॐ卐 ❁════┅┄​*
Satyaveer vaishnav
*अद्वितीय गुणगान*
*अद्वितीय गुणगान*
Dushyant Kumar
दूर चकोरी तक रही अकास...
दूर चकोरी तक रही अकास...
डॉ.सीमा अग्रवाल
मेरे मन के धरातल पर बस उन्हीं का स्वागत है
मेरे मन के धरातल पर बस उन्हीं का स्वागत है
ruby kumari
Not a Choice, But a Struggle
Not a Choice, But a Struggle
पूर्वार्थ
लाश लिए फिरता हूं
लाश लिए फिरता हूं
Ravi Ghayal
तुम यह अच्छी तरह जानते हो
तुम यह अच्छी तरह जानते हो
gurudeenverma198
सरकारी नौकरी
सरकारी नौकरी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"चैन से इस दौर में बस वो जिए।
*प्रणय प्रभात*
सिलसिला रात का
सिलसिला रात का
Surinder blackpen
प्रकृति को जो समझे अपना
प्रकृति को जो समझे अपना
Buddha Prakash
Loading...