Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Oct 2023 · 1 min read

माँ की दुआ

माँ की करते हम भक्ति, माँ कि शक्ति अपार।
माँ दुर्गा दया की मुर्ति, करती हैं उपकार।।

कुंकुम चुनरी ले साथ में, सब करते पूजन पाठ।
नवरात्रि की साधना से, माँ कर देती है ठाट।।

Lee24 सा (अनिल)
चित्तौड़गढ़ 9829246588

Language: Hindi
162 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दिल का सौदा
दिल का सौदा
सरिता सिंह
तेरा मेरा साथ
तेरा मेरा साथ
Kanchan verma
जाड़ों की यह नानी (बाल कविता )
जाड़ों की यह नानी (बाल कविता )
Ravi Prakash
*बस एक बार*
*बस एक बार*
Shashi kala vyas
जब सावन का मौसम आता
जब सावन का मौसम आता
लक्ष्मी सिंह
पुलवामा वीरों को नमन
पुलवामा वीरों को नमन
Satish Srijan
नेता के बोल
नेता के बोल
Aman Sinha
!! सत्य !!
!! सत्य !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
धरती माँ
धरती माँ
जगदीश शर्मा सहज
जो राम हमारे कण कण में थे उन पर बड़ा सवाल किया।
जो राम हमारे कण कण में थे उन पर बड़ा सवाल किया।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
मस्ती का त्यौहार है,  खिली बसंत बहार
मस्ती का त्यौहार है, खिली बसंत बहार
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
■ इससे ज़्यादा कुछ नहीं शायद।।
■ इससे ज़्यादा कुछ नहीं शायद।।
*Author प्रणय प्रभात*
सुबह सुहानी आ रही, खूब खिलेंगे फूल।
सुबह सुहानी आ रही, खूब खिलेंगे फूल।
surenderpal vaidya
जितना लफ़्ज़ों में
जितना लफ़्ज़ों में
Dr fauzia Naseem shad
गीत
गीत
Shiva Awasthi
चॉकलेट
चॉकलेट
Himanshu Badoni (Dayanidhi)
गुजरते लम्हों से कुछ पल तुम्हारे लिए चुरा लिए हमने,
गुजरते लम्हों से कुछ पल तुम्हारे लिए चुरा लिए हमने,
Hanuman Ramawat
Hum mom ki kathputali to na the.
Hum mom ki kathputali to na the.
Sakshi Tripathi
नदियां जो सागर में जाती उस पाणी की बात करो।
नदियां जो सागर में जाती उस पाणी की बात करो।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
अदब
अदब
Dr Parveen Thakur
💐अज्ञात के प्रति-104💐
💐अज्ञात के प्रति-104💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
'क्यों' (हिन्दी ग़ज़ल)
'क्यों' (हिन्दी ग़ज़ल)
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
पहाड़ पर बरसात
पहाड़ पर बरसात
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
"रफ-कॉपी"
Dr. Kishan tandon kranti
है आँखों में कुछ नमी सी
है आँखों में कुछ नमी सी
हिमांशु Kulshrestha
कभी वाकमाल चीज था, अभी नाचीज हूँ
कभी वाकमाल चीज था, अभी नाचीज हूँ
सिद्धार्थ गोरखपुरी
2315.पूर्णिका
2315.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
हलमुखी छंद
हलमुखी छंद
Neelam Sharma
कहती है हमें अपनी कविताओं में तो उतार कर देख लो मेरा रूप यौव
कहती है हमें अपनी कविताओं में तो उतार कर देख लो मेरा रूप यौव
DrLakshman Jha Parimal
हसदेव बचाना है
हसदेव बचाना है
Jugesh Banjare
Loading...