Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Feb 2024 · 1 min read

मन मंथन पर सुन सखे,जोर चले कब कोय

मन मंथन पर सुन सखे,जोर चले कब कोय
इस मन के आकाश का, छोर न कोई होय
छोर न कोई होय, उड़ाने भरता रहता
हर पल नदी समान, सरल पानी सा बहता
कहे ‘अर्चना’ बात, गूढ़ करता है चिंतन
करता आविष्कार, विचारों का मन मंथन

डॉ अर्चना गुप्ता
28.02.2024

2 Likes · 1361 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
** वर्षा ऋतु **
** वर्षा ऋतु **
surenderpal vaidya
स्वाभिमान
स्वाभिमान
Shyam Sundar Subramanian
कामुकता एक ऐसा आभास है जो सब प्रकार की शारीरिक वीभत्सना को ख
कामुकता एक ऐसा आभास है जो सब प्रकार की शारीरिक वीभत्सना को ख
Rj Anand Prajapati
जब कभी तुम्हारा बेटा ज़बा हों, तो उसे बताना ज़रूर
जब कभी तुम्हारा बेटा ज़बा हों, तो उसे बताना ज़रूर
The_dk_poetry
Dad's Tales of Yore
Dad's Tales of Yore
Natasha Stephen
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Rekha Drolia
एक समझदार व्यक्ति द्वारा रिश्तों के निर्वहन में अचानक शिथिल
एक समझदार व्यक्ति द्वारा रिश्तों के निर्वहन में अचानक शिथिल
Paras Nath Jha
लिखा है किसी ने यह सच्च ही लिखा है
लिखा है किसी ने यह सच्च ही लिखा है
VINOD CHAUHAN
मकसद ......!
मकसद ......!
Sangeeta Beniwal
अपने  में वो मस्त हैं ,दूसरों की परवाह नहीं ,मित्रता में रहक
अपने में वो मस्त हैं ,दूसरों की परवाह नहीं ,मित्रता में रहक
DrLakshman Jha Parimal
कैसा गीत लिखूं
कैसा गीत लिखूं
नवीन जोशी 'नवल'
खालीपन - क्या करूँ ?
खालीपन - क्या करूँ ?
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बाबुल का घर तू छोड़ चली
बाबुल का घर तू छोड़ चली
gurudeenverma198
वे वादे, जो दो दशक पुराने हैं
वे वादे, जो दो दशक पुराने हैं
Mahender Singh
सागर ने भी नदी को बुलाया
सागर ने भी नदी को बुलाया
Anil Mishra Prahari
2515.पूर्णिका
2515.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
अर्कान - फाइलातुन फ़इलातुन फैलुन / फ़अलुन बह्र - रमल मुसद्दस मख़्बून महज़ूफ़ो मक़़्तअ
अर्कान - फाइलातुन फ़इलातुन फैलुन / फ़अलुन बह्र - रमल मुसद्दस मख़्बून महज़ूफ़ो मक़़्तअ
Neelam Sharma
"यदि"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी कम न हो
कभी कम न हो
Dr fauzia Naseem shad
गिनती
गिनती
Dr. Pradeep Kumar Sharma
■ फेसबुकी फ़र्ज़ीवाड़ा
■ फेसबुकी फ़र्ज़ीवाड़ा
*Author प्रणय प्रभात*
ख़ियाबां मेरा सारा तुमने
ख़ियाबां मेरा सारा तुमने
Atul "Krishn"
बेदर्द ...................................
बेदर्द ...................................
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
ना जाने क्यों आज वक्त ने हालात बदल
ना जाने क्यों आज वक्त ने हालात बदल
Vishal babu (vishu)
एक कहानी सुनाए बड़ी जोर से आई है।सुनोगे ना चलो सुन ही लो
एक कहानी सुनाए बड़ी जोर से आई है।सुनोगे ना चलो सुन ही लो
Rituraj shivem verma
फूल खुशबू देते है _
फूल खुशबू देते है _
Rajesh vyas
तरक्की से तकलीफ
तरक्की से तकलीफ
शेखर सिंह
*बरसे एक न बूँद, मेघ क्यों आए काले ?*(कुंडलिया)
*बरसे एक न बूँद, मेघ क्यों आए काले ?*(कुंडलिया)
Ravi Prakash
गुरु नानक देव जी --
गुरु नानक देव जी --
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
सच अति महत्वपूर्ण यह,
सच अति महत्वपूर्ण यह,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...