Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Jul 2023 · 1 min read

मन को जो भी जीत सकेंगे

मन को जो भी जीत सकेंगे
युद्ध विजय का स्वाद चखेंगे
आज गिरे हैं जो निश्चय ही
एक दिवस जयघोष करेंगे
महावीर उत्तरांचली

1 Like · 316 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
बाल कविता: मेरा कुत्ता
बाल कविता: मेरा कुत्ता
Rajesh Kumar Arjun
हमारे ख्याब
हमारे ख्याब
Aisha Mohan
*तुम अगर साथ होते*
*तुम अगर साथ होते*
Shashi kala vyas
मानवता का धर्म है,सबसे उत्तम धर्म।
मानवता का धर्म है,सबसे उत्तम धर्म।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
👌बोगस न्यूज़👌
👌बोगस न्यूज़👌
*Author प्रणय प्रभात*
इंतज़ार एक दस्तक की, उस दरवाजे को थी रहती, चौखट पर जिसकी धूल, बरसों की थी जमी हुई।
इंतज़ार एक दस्तक की, उस दरवाजे को थी रहती, चौखट पर जिसकी धूल, बरसों की थी जमी हुई।
Manisha Manjari
*श्री विष्णु प्रभाकर जी के कर - कमलों द्वारा मेरी पुस्तक
*श्री विष्णु प्रभाकर जी के कर - कमलों द्वारा मेरी पुस्तक "रामपुर के रत्न" का लोकार्पण*
Ravi Prakash
दीपावली
दीपावली
Neeraj Agarwal
" मिलकर एक बनें "
Pushpraj Anant
अब किसका है तुमको इंतजार
अब किसका है तुमको इंतजार
gurudeenverma198
जो वक्त से आगे चलते हैं, अक्सर लोग उनके पीछे चलते हैं।।
जो वक्त से आगे चलते हैं, अक्सर लोग उनके पीछे चलते हैं।।
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
इश्क़ गुलाबों की महक है, कसौटियों की दांव है,
इश्क़ गुलाबों की महक है, कसौटियों की दांव है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मेरी फितरत
मेरी फितरत
Ram Krishan Rastogi
Dr arun kumar शास्त्री
Dr arun kumar शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
रंगीन हुए जा रहे हैं
रंगीन हुए जा रहे हैं
हिमांशु Kulshrestha
अब तक मुकम्मल नहीं हो सका आसमां,
अब तक मुकम्मल नहीं हो सका आसमां,
Anil Mishra Prahari
हमारा संघर्ष
हमारा संघर्ष
पूर्वार्थ
संतोष
संतोष
Manju Singh
मुझे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान हैं बहुत लोग,
मुझे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान हैं बहुत लोग,
Ranjeet kumar patre
!! यह तो सर गद्दारी है !!
!! यह तो सर गद्दारी है !!
Chunnu Lal Gupta
कया बताएं 'गालिब'
कया बताएं 'गालिब'
Mr.Aksharjeet
मुझे मेरी फितरत को बदलना है
मुझे मेरी फितरत को बदलना है
Basant Bhagawan Roy
संवेदनाएं जिंदा रखो
संवेदनाएं जिंदा रखो
नेताम आर सी
मुस्कुराओ तो सही
मुस्कुराओ तो सही
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
काव्य का आस्वादन
काव्य का आस्वादन
कवि रमेशराज
तुझे याद करता हूँ क्या तुम भी मुझे याद करती हो
तुझे याद करता हूँ क्या तुम भी मुझे याद करती हो
Rituraj shivem verma
अपमान
अपमान
Dr Parveen Thakur
जो कहा तूने नहीं
जो कहा तूने नहीं
Dr fauzia Naseem shad
" भुला दिया उस तस्वीर को "
Aarti sirsat
"जागो"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...