Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Mar 2019 · 1 min read

मधुमालती छंद

#नमन_मंच
#विधा – मधुमालती छंद
***************************
?#प्रथम_प्रयास_सादर_समीक्षार्थ?
मेरा कहाँ अब नाम है।
मुझसे भला क्या काम है।।
तेरे लिए चलता रहा।
मैं गम लिए जलता रहा।।

नजदीकियां मिटने लगी।
अब दूरियां बढने लगी।।
तुम दूर मुझसे हो चले।
अब मै लगूं किसके गले।।

यह पीर मन को बेधती।
तन कुलिस से है छेदती।।
था प्रेम ही मैनै किया।
इस प्रीत ने है क्या दिया।।

ये दिल लगाना काल है।
मृत्यु का दूजा नाम है।।
अब वरण इसका जो करे।
बिन मौत ही अब वो मरे।।
—-स्वरचित, स्वप्रमाणित
✍️पं.संजीव शुक्ल “सचिन”
मुसहरवा (मंशानगर),पश्चिमी चम्पारण, बिहार

Language: Hindi
1 Like · 1150 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from संजीव शुक्ल 'सचिन'
View all
You may also like:
■ लघुकथा
■ लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
कृपया सावधान रहें !
कृपया सावधान रहें !
Anand Kumar
इतनी के बस !
इतनी के बस !
Shyam Vashishtha 'शाहिद'
चरित्र साफ शब्दों में कहें तो आपके मस्तिष्क में समाहित विचार
चरित्र साफ शब्दों में कहें तो आपके मस्तिष्क में समाहित विचार
Rj Anand Prajapati
विचार और रस [ दो ]
विचार और रस [ दो ]
कवि रमेशराज
मार   बेरोजगारी   की   सहते  रहे
मार बेरोजगारी की सहते रहे
अभिनव अदम्य
काश आज चंद्रमा से मुलाकाकत हो जाती!
काश आज चंद्रमा से मुलाकाकत हो जाती!
पूर्वार्थ
दासी
दासी
Bodhisatva kastooriya
Ajj fir ek bar tum mera yuhi intazar karna,
Ajj fir ek bar tum mera yuhi intazar karna,
Sakshi Tripathi
2915.*पूर्णिका*
2915.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"कैसा सवाल है नारी?"
Dr. Kishan tandon kranti
स्त्री
स्त्री
Dr fauzia Naseem shad
*****वो इक पल*****
*****वो इक पल*****
Kavita Chouhan
आँख
आँख
विजय कुमार अग्रवाल
फितरत जग एक आईना
फितरत जग एक आईना
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
*अयोध्या*
*अयोध्या*
Dr. Priya Gupta
प्यार का रिश्ता
प्यार का रिश्ता
Surinder blackpen
*हेमा मालिनी (कुंडलिया)*
*हेमा मालिनी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
बरसात...
बरसात...
डॉ.सीमा अग्रवाल
आजकल गजब का खेल चल रहा है
आजकल गजब का खेल चल रहा है
Harminder Kaur
आगे पीछे का नहीं अगल बगल का
आगे पीछे का नहीं अगल बगल का
Paras Nath Jha
इश्क में  हम वफ़ा हैं बताए हो तुम।
इश्क में हम वफ़ा हैं बताए हो तुम।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
दिल के दरवाजे भेड़ कर देखो - संदीप ठाकुर
दिल के दरवाजे भेड़ कर देखो - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
जब स्वयं के तन पर घाव ना हो, दर्द समझ नहीं आएगा।
जब स्वयं के तन पर घाव ना हो, दर्द समझ नहीं आएगा।
Manisha Manjari
काम क्रोध मद लोभ के,
काम क्रोध मद लोभ के,
sushil sarna
गीत मौसम का
गीत मौसम का
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
☀️ओज़☀️
☀️ओज़☀️
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
ऑन लाइन पेमेंट
ऑन लाइन पेमेंट
Satish Srijan
जिंदगी
जिंदगी
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
अन्तर्राष्टीय मज़दूर दिवस
अन्तर्राष्टीय मज़दूर दिवस
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...