Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Dec 2022 · 1 min read

मत पूछो हमसे हिज्र की हर रात हमने गुजारी कैसे है..!

मत पूछो हमसे हिज्र की हर रात हमने गुजारी कैसे है..!
रो रोकर आयी जो लाली आंखों में वो उतारी कैसे है..
दिल में है दर्द बड़ा लबों पर मुस्कान है यारो
ना जाने फिर भी
उस बेवफा की हम पर इतनी खुमारी कैसे है!!

Language: Hindi
Tag: शेर
2 Likes · 2 Comments · 361 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
हम बिहार छी।
हम बिहार छी।
Acharya Rama Nand Mandal
3276.*पूर्णिका*
3276.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
रब ने बना दी जोड़ी😊😊
रब ने बना दी जोड़ी😊😊
*Author प्रणय प्रभात*
मां रिश्तों में सबसे जुदा सी होती है।
मां रिश्तों में सबसे जुदा सी होती है।
Taj Mohammad
अन्तर्मन को झांकती ये निगाहें
अन्तर्मन को झांकती ये निगाहें
Pramila sultan
#drArunKumarshastri
#drArunKumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कुछ बेशकीमती छूट गया हैं तुम्हारा, वो तुम्हें लौटाना चाहता हूँ !
कुछ बेशकीमती छूट गया हैं तुम्हारा, वो तुम्हें लौटाना चाहता हूँ !
The_dk_poetry
पढ़ना सीखो, बेटी
पढ़ना सीखो, बेटी
Shekhar Chandra Mitra
मुक्तक-
मुक्तक-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
सुख दुःख मनुष्य का मानस पुत्र।
सुख दुःख मनुष्य का मानस पुत्र।
लक्ष्मी सिंह
बुढ़ापा अति दुखदाई (हास्य कुंडलिया)
बुढ़ापा अति दुखदाई (हास्य कुंडलिया)
Ravi Prakash
हर पाँच बरस के बाद
हर पाँच बरस के बाद
Johnny Ahmed 'क़ैस'
अपनी शान के लिए माँ-बाप, बच्चों से ऐसा क्यों करते हैं
अपनी शान के लिए माँ-बाप, बच्चों से ऐसा क्यों करते हैं
gurudeenverma198
गुत्थियों का हल आसान नही .....
गुत्थियों का हल आसान नही .....
Rohit yadav
बुढ़ापे में हड्डियाँ सूखा पतला
बुढ़ापे में हड्डियाँ सूखा पतला
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
देवों के देव महादेव
देवों के देव महादेव
Neeraj Agarwal
धैर्य धरोगे मित्र यदि, सब कुछ होता जाय
धैर्य धरोगे मित्र यदि, सब कुछ होता जाय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
शासक की कमजोरियों का आकलन
शासक की कमजोरियों का आकलन
Mahender Singh
रिश्ता रस्म
रिश्ता रस्म
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
हम जाति से शुद्र नहीं थे. हम कर्म से शुद्र थे, पर बाबा साहब
हम जाति से शुद्र नहीं थे. हम कर्म से शुद्र थे, पर बाबा साहब
जय लगन कुमार हैप्पी
आया पर्व पुनीत....
आया पर्व पुनीत....
डॉ.सीमा अग्रवाल
ज़िन्दगी के सफर में राहों का मिलना निरंतर,
ज़िन्दगी के सफर में राहों का मिलना निरंतर,
Sahil Ahmad
चुप रहना भी तो एक हल है।
चुप रहना भी तो एक हल है।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
सलामी दें तिरंगे को हमें ये जान से प्यारा
सलामी दें तिरंगे को हमें ये जान से प्यारा
आर.एस. 'प्रीतम'
**प्यार भरा पैगाम लिखूँ मैं **
**प्यार भरा पैगाम लिखूँ मैं **
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
रेशम की डोरी का
रेशम की डोरी का
Dr fauzia Naseem shad
कोरोना - इफेक्ट
कोरोना - इफेक्ट
Kanchan Khanna
मेरे स्वयं पर प्रयोग
मेरे स्वयं पर प्रयोग
Ms.Ankit Halke jha
चन्द्रयान
चन्द्रयान
Kavita Chouhan
"जलन"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...